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भदोही में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को ठगने वाला फर्जी बीएसए गिरफ्तार

By Jitendra Upadhyay Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 07 Sep 2026 07:50 PM (IST)

भदोही पुलिस ने फर्जी बीएसए बनकर युवाओं को नौकरी और अंक बढ़ाने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले ...और पढ़ें

भदोही में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला फर्जी बीएसए राम सिंह यादव गिरफ्तार।

भदोही में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला फर्जी बीएसए राम सिंह यादव गिरफ्तार।

HighLights

  1. फर्जी बीएसए राम सिंह यादव भदोही में गिरफ्तार।

  2. नौकरी, फर्जी ज्वाइनिंग के नाम पर युवाओं से ठगी।

  3. पुलिस ने फर्जी आधार, ज्वाइनिंग लेटर बरामद किए।

जागरण संवाददाता, भदोही। जिले का बीएसए बनकर युवाओं को नियुक्ति, फर्जी ज्वाइनिंग और अंक बढ़ाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले ठग प्रयागराज जिले के सरायममरेज थाना के बंदी पट्टी निवासी राम सिंह यादव को पुलिस ने सोमवार को नगर के दुर्गागंज तिराहे से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने उसके पास से फर्जी आधार कार्ड मिला, उस पर उसका नाम मनोज कुमार सिंह निवासी इटहरा प्रयागराज लिखा है। इसके अलावा फर्जी ज्वानिंग लेटर समेत अन्य अभिलेख बरामद हुए। एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर 40 से अधिक शिकायतें जिला पुलिस को जांच के लिए भेजी गई थीं। इसमें 50 लाख की साइबर ठगी बताई गई। पुलिस ने शिकायतों की जांच की तो राम सिंह के खिलाफ तीन मामले भदोही, एक अमरोहा, एक प्रयागराज और एक आजमगढ़ में दर्ज मिले।

अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि दुर्गागंज, ऊंज और ज्ञानपुर में एक-एक ठगी के मामले सामने आए। इसमें साइबर ठग ने लालानगर टोल प्लाजा के पास हरिहरपुर शुकुलपुर निवासी बैंक मित्र, ग्राहक सेवा केंद्र संचालक शैलेंद्र शुक्ल से अलग-अलग तरीकों से झांसा देकर 38800 रुपये ठगे। उसने कहा कि वह बीएसए भदोही है, उसकी गाड़ी खराब हो गई है।

वह शिक्षा विभाग में नौकरी दिला देगा। उसके झांसे में आकर शैलेंद्र से रुपये ठगे। दुर्गागंज में बारकोड के माध्यम से दो बार में 40 हजार, ऊंज में सर्वर फेल होने के नाम पर पांच हजार और बाद में 20 हजार अपने बैंक खाते में ट्रांसफर किए। तीनों मामले में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।

लोगों से इस तरह करता था ठगी
पुलिस पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह टेलीग्राम के माध्यम से प्रयागराज में एक ग्रुप से पीडीएफ फाइल के रूप में उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त करता है। उनके नाम-पते, मोबाइल नंबर, ई-मेल आइडी, रोल नंबर, परीक्षा के मार्क्स आदि जानकारी मिल जाती थी। इसके बाद वह अपने नाम का नया सिम कार्ड लेकर व्हाट्सएप आइडी व ई-मेल आइडी बनाता था। स्वयं को बीएसए बताकर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देने के नाम पर लोगों से पैसे मांगता।