जागरण संवाददाता, ऊंज (भदोही) : जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद की ओर से अधिकारियों को अंतिम डेटलाइन 30 दिसंबर दिया गया था। उसे भी गुजरे दो दिन हो गए लेकिन अभी तक सेमराध में मेला क्षेत्र की तैयारी अधूरी की अधूरी रह गई। न तो चक्कर प्लेट लगाए जा सके और न विद्युतीकरण हो पाया है। संबंधित विभाग के लोग जहां-तहां प्लेट छोड़कर चले गए। इससे गंगा स्नान करने वालों को भी दिक्कत उठानी पड़ रही है।

काशी-प्रयाग के मध्य स्थित बाबा सेमराधनाथ धाम में 25 साल से तंबुओं की नगरी तैयार होती है। यहां पर एक माह तक अनवरत हरि भजन होता रहता है। इसके साथ ही सैकड़ा से अधिक परिवार यहां पर कल्पवास करता है। एक माह तक चल रहे इस मेला में स्नानार्थियों की भीड़ लगी रहती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और मेला समितियों के साथ बैठक कर पहले 25 तो बाद में 30 दिसंबर तक मेला क्षेत्र के सभी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया था। इस बीच अपर जिलाधिकारी रामसिंह वर्मा और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कविता मीना भी निरीक्षण कर अधिकारियों को समय से काम पूर्ण करने की हिदायत दी थी। डीएम की ओर से जारी अंतिम डेटलाइन भी बीत गया लेकिन अभी तक मेला क्षेत्र की तैयारी पूरी नहीं हो सकी है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि डीएम के सख्त हिदायत के बाद भी अभी तक मेला क्षेत्र में तैयारी शुरू ही नहीं की गई जबकि एक जनवरी को मेला का शुभारंभ भी कर दिया गया है। चक्कर प्लेट न बिछने के कारण कल्पवास करने वालों को भी गंगा घाट पर जाने में दिक्कत उठानी पड़ रही है। स्वामी करुणाशंकर का कहना है कि स्नान पर्व 14 जनवरी से शुरू हो जाएगा। इसके पहले ही कल्पवासियों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है। मेला क्षेत्र की तैयारी समय से पूरी हो जानी चाहिए। डीएम की ओर से दो दिन का समय अधिकारियों को दिया गया है।

Posted By: Jagran

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