जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : राजमार्ग को सिक्स लेन में तब्दील करने के चल रहे कार्य के तहत जगह-जगह बन रहे बन रहे अंडर पास कार्य से वैकल्पिक मार्ग के तहत संकरी सर्विस लेन। लगभग रोजाना लग रहे जाम के बीच शुरू होने वाली कांवर यात्रा को लेकर लोगों की चिता बढ़ानी शुरू कर दी है।

कारण है कि जब दोनों तरफ से वाहनों के आवागमन में यह हाल है तो एक लेन सुरक्षित कर दिए जाने के बाद सावन मास में राजमार्ग पर आवागमन सुचारू बनाए रखना एवं कांवरियों को पास कराना प्रशासन के लिए इस बार चुनौती बनकर खड़ी नजर आ रही है। सावन शुरू होने में महज दो दिन का समय शेष रह गया है। जिला प्रशासन की ओर से एक लेन उत्तरी को 16 जुलाई की रात से वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिए जाने के बाद कैसे होगी व्यवस्था इसे लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती दिख रही है।

अबकी बदली हुई है हाईवे की स्थिति

सावन मास में राजमार्ग पर शुरू होने वाले कांवर यात्रा को देखते हुए कांवरियों के लिए उत्तरी लेन सुरक्षित कर दिया जाती है। राजमार्ग पर जगह-जगह स्थित कट प्वाइंट को बंदकर दोनों तरफ के वाहनों का आवागमन मात्र दक्षिणी लेन से ही संचालित किया जाता है। हालांकि जब सड़क बेहतर थी तभी पूरे माह भर सड़क पर निकलते समय लोग कई बार सोचने को विवश होते थे। जबकि इस बार तो स्थिति पूरी तरह बदली दिख रही है। वैकल्पिक मार्ग की चौड़ाई बेहद कम

राजमार्ग पर कई स्थानों पर अंडर पास के चल रहे कार्य के तहत वाहनों के आवागमन के लिए जगह-जगह बनाए वैकल्पिक सड़क की चौड़ाई इतनी कम है कि एक साथ अगल बगल दो छोटे वाहन ही बमुश्किल निकल पा रहे हैं। दो बड़े वाहनों का अगल-बगल निकल पाना संभव नहीं है। ऐसे में कांवर यात्रा को लेकर लोगों की चिता बढ़ने लगी है। लोग इसे लेकर परेशान होने लगे हैं कि आखिर कैसे होगी कांवरियों के लिए व्यवस्था तो कैसे चलेंगे वाहन। ट्रकों को डायवर्ट कर कम की जा सकती है समस्या

- राजमार्ग पर प्रयागराज से वाराणसी तक चलने वाले भारी वाहनों ट्रक आदि को यदि किसी दूसरे मार्ग (इलाहाबाद वाया मीरजापुर वाराणसी अथवा प्रयागराज वाया जौनपुर वाराणसी) पर डायवर्ट कर दिया जाय तो काफी हद तक समस्या का समाधान किया जा सकता है। राजमार्ग पर बहुतायत संख्या ट्रकों की ही होती है। इससे जैसे ही कहीं जरा सी दिक्कत आई वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। ट्रकों के साथ छोटे व सवारी वाहन तक जाम में फंस जाते हैं। यहां तक की बाइक सवारों तक के लिए जाम से पार पाना मुश्किल होता है।

Posted By: Jagran