जागरण संवाददाता, भदोही: आगामी माह 21 अक्टूबर से वाराणसी में आयोजित होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो-18 आयोजन स्थल को लेकर इस बार उहापोह के हालात है। मेला आयोजक कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) जहां पारंपरिक सम्पूर्णानंद संस्कृत महाविद्यालय परिसर में मेले का आयोजन कराना चाहती है वहीं सरकार की मंशा है कि मेले का आयोजन बड़ालालपुर स्थित नवनिर्मित मेगा मार्ट में हो। यही कारण है कि आयोजन स्थल को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है।

दरअसल, कालीन निर्यात को बल देने के उद्देश्य से वर्ष में दो बार इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन किया जाता है। मार्च में जहां दिल्ली में मेला लगता है वहीं अक्टूबर माह में वाराणसी में चार दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार मेले की तिथि तो घोषित कर दी गई है लेकिन अब तक आयोजन स्थल को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। इसे लेकर निर्यातकों में दुविधा बनी हुई है। परिषद के वरिष्ठ प्रशासनिक सदस्य उमेश कुमार गुप्ता मुन्ना का कहना है कि परिषद के पदाधिकारी शासन व प्रशासन के सम्पर्क में हैं तथा इसे लेकर वार्ता चल रही है। बताया कि शासन की मंशा है कि मेले का आयोजन बड़ालालपुर स्थित पं दीनदयाल हस्तकला संकुल (मार्ट) में किया जाय जबकि परिषद सम्पूर्णानंद संस्कृत महाविद्यालय परिसर में मेले का आयोजन कराना चाहती है। इस स्थान पर काफी दिनों से मेले का आयोजन होता रहा है ऐसे में परिषद को महाविद्यालय परिसर अधिक उपयुक्त लग रहा है। इस संबंध में परिषद के पदाधिकारियों की टीम एक दो दिन में निर्णय लेगी। नवनिर्मित मार्ट का निरीक्षण करने तथा वस्त्र मंत्रालय से वार्ता करने के बाद ही इसका निर्णय लिया जाना है।

उधर मेला स्थल की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण भागीदारी करने वाले निर्यातकों में उहापोह की हालत है। हालांकि लोगों का कहना है कि अभी समय भी पर्याप्त है तथा उक्त निर्णय परिषद को लेना है। ऐसे में निर्यातकों को अधिक ¨चता की जरूरत नहीं है।

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