जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही): पुलिस महा निदेशक उत्तर प्रदेश ओपी सिंह ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से अपराध समीक्षा किया। पूर्वांचल में बढ़ रहे अपराध को लेकर भदोही सहित अन्य जनपदों के कप्तान की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने अपराध नियंत्रण और वर्क आउट करने का एक सप्ताह का मोहलत दिया है। चेताया यह कि अंतिम डेटलाइन के अंदर अपराधी नहीं पकड़े गए तो अधिकारी पैदल कर दिए जाएंगे।

भदोही कोतवाली क्षेत्र के पिपरिस के पास पांच अगस्त को दिनदहाड़े दुस्साहसिक तरीके से बदमाशों ने कैश वैन से 20 लाख रुपये लूट कर फरार हो गए। तत्कालीन एडीजी पीवीरामा शास्त्री ने घटना स्थल का निरीक्षण कर भदोही प्रभारी निरीक्षक सहित पुलिस टीम को चेतावनी जारी की थी। अलग-अलग टीम गठित कर खुलासा करने का भी निर्देश दिया था। दो माह बाद भी लुटेरों का सुराग पुलिस टीम नहीं लगा सकी। अभी यह मामला सुर्खियों में था कि बदमाशों ने पुलिस को चुनौती देते हुए देवनाथपुर में ताबड़तोड़ गोली चलाकर सराफा व्यवसायी से पांच लाख रुपये का आभूषण और 25 हजार रुपये नगद उड़ा ले गए थे। अपराध नियंत्रण के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी डीआइजी पियूष श्रीवास्तव ने भी खुलासा करने के लिए स्थानीय के अलावा अन्य जनपदों की एसओजी टीम लगा दी है। सब कुछ ढाक के तीन पात साबित हो रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए पूर्वांचल के जिलों की समीक्षा कर डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। चेताया कि एक सप्ताह के अंदर अपराध नियंत्रण और वर्कआउट हो जाना चाहिए। डीजीपी के कड़े तेवर से पुलिस अफसरों के होश उड़ गए हैं।

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पुलिस के लिर सिरदर्द हो गए हैं लुटेरे

लुटेरे पुलिस के लिए सिरदर्द हो गए हैं। देवनाथपुर की तरह जनपद सीमा कछवां रोड में भी बदमाशों ने घटना को अंजाम दे दिया था। पुलिस वाराणसी और मीरजपुर भदोही पुलिस से लुटेरों का इनपुट मांग रहा है तो भदोही पुलिस मीरजापुर की पुलिस से। अभी तक घटना का तरीका एक जैसे होने के कारण पुलिस भी नहीं समझ पा रही है कि आखिर इन बदमाशों का ठिकाना कहा है। अभी यह मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि बदमाशों ने ठीक उसी तरीके से वाराणसी में भी घटना को अंजाम दे दिया। यहां पर तो एक की जान भी चली गई।

Posted By: Jagran

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