भदोही, जागरण संवाददाता। पांच दिन बीत गए लेकिन याकूबपुर गांव निवासी पंचायत सहायक शशिकांत के हत्या की गुत्थी पुलिस अभी तक नहीं सुलझा सकी। नामजद आरोपितों ग्रामप्रधान सहित आठ लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस कई चक्र में पूछताछ कर चुकी है लेकिन कोई नतीजा सिफर है। पुलिस की मानें तो हत्या में आरोपितों की संलिप्तता साबित नहीं हो रही है। ऐसे में किसी बेगुनाह को जेल भेजना उचित नहीं है। 

सवाल यह कि जब आरोपित हत्या में शामिल नहीं हैं तो कब तक यह लोग हिरासत में रखे जाएंगे। उधर वास्तविक हत्यारों की तलाश में पुलिस अभी तक अंधेरे में तीर चला रही है। आला अधिकारियों के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम ने भदोही में डेरा डाल दिया है। अब तक 20 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है लेकिन हत्या की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। 

यह है मामला

गौरतलब है कि रविवार को शशिकांत का शव तुलसीचक गांव स्थित वरुणा नदी में मिला था। उसके दोनों हाथ पांव रस्सी से बंधे थे व चेहरे व शरीर पर चोट के निशान थे। इस मामले में शशिकांत के चाचा राजेश गौतम की तहरीर पर पुलिस ने रविवार की रात ग्राम प्रधान विनोद, कमलेश, अभिषेक व उदयभान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। 

चारों आरोपितों को भी उसी दिन हिरासत में ले लिया गया था। हालांकि सख्ती बरतने व विभिन्न माध्यम से जांच करने के बाद भी आरोपितों की संलिप्तता स्पष्ट नहीं हो सकी। इस बीच संदेह के आधार पर कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया लेकिन कुछ हासिल नहीं हो सका। 

पुलिस अधिकारी ने कहा- एक-दो दिन में होगा खुलासा

प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह का कहना है कि मृतक के स्वजन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर भले ही आरोपितों को हिरासत में लिया गया है लेकिन घटना में उनकी संलिप्तता साबित नहीं हो रही है। एक-दो दिन में मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

Edited By: Shivam Yadav