भदोही, जागरण संवाददाता। कालीन नगरी में 15 अक्टूबर से शुरू होने वाले चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला ‘इंडिया कारपेट एक्सपो-2022’ में इस बार कई नए देशों के खरीदार भी जुटेंगे। अब तक कुवैत, मलयेशिया, लेबनान, हांगकांग समेत 12 देशों के 40 आयातक पहली बार कालीन मेले में पहुंचेंगे। इससे कोरोना काल के बाद से मंदी से उबरने का प्रयास कर रहे कालीन उद्योग को संजीवनी मिलने की आस है। अब तक 230 निर्यातकों ने स्टाल बुक कराए हैं। 57 देशों के 323 आयातकों ने मेले में भागीदारी की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इनकी संख्या 350 से अधिक होने की उम्मीद है। 

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) भी नए आयातकों के आने को लेकर उत्साहित है। इस बार अमेरिका, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, फ्रांस, चीन जैसे कालीन के परंपरागत खरीदार देशों के साथ ही मिस्र, इजरायल, ताइवान, थाईलैंड सहित लैटिन अमेरिकी देश चिली, मैक्सिको के ग्राहकों की अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। 

सीईपीसी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले में करीब 400 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है। भदोही में पहली बार कालीन मेले का आयोजन किया जा रहा है। इससे पहले इंडिया कारपेट एक्सपो इसी वर्ष मार्च में दिल्ली में आयोजित किया गया था। इसमें 48 देशों के 257 आयातकों व उनके 280 प्रतिनिधि आए थे। इस एक्सपो में करीब 300 करोड़ का कारोबार हुआ था। 

70 फीसद निर्यातक भदोही-मीरजापुर परिक्षेत्र के

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के प्रशासनिक सदस्य असलम महबूब का कहना है कि कारपेट एक्सपो में भदोही-मीरजापुर परिक्षेत्र के 70 फीसद निर्यातक स्टाल लगाएंगे। यहां जम्मू-कश्मीर, पानीपत, जयपुर, आगरा, दिल्ली, कानपुर सहित देश के अन्य शहरों के निर्यातक भी जुटेंगे। उन्होंने कहा कि कालीन कारोबार को नया आयाम देने के लिए नए देशों के आयातकों की भागीदारी लाभदायक हो सकती है।

Edited By: ravindra nath pandey

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