भदोही, जागरण संवाददाता। नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन 2022 के लिए पिछड़ी जातियों की रैपिड सर्वे की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका क्षेत्र में खलबली मची है। निकाय चुनाव लड़ने के लिए कमर कसने वालों में अधिकतर लोग सर्वे से असंतुष्ट हैं। एसडीएम कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराने वालों का तांता लगा है। शुक्रवार शाम तक सौ से अधिक लोगों ने सर्वे रिपोर्ट पर सवाल खड़ा करते हुए आपत्ति दर्ज कराई। 

आपत्ति दर्ज कराने वालों का कहना है कि सत्यापन करने वाले कर्मचारियों द्वारा डोर टू डोर न जाकर एक स्थान पर बैठकर मनमानी रिपोर्ट लगा दी गई है। इस कारण निष्पक्ष निर्वाचन कराने की मंशा पर पानी फिर सकता है। 

एक स्थान पर बनाई रिपोर्ट

कजियाना वार्ड के परवेज खान उर्फ नन्हीं का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के अनुसार वार्ड संख्या में 25 में पिछड़ी जातियों की भागीदारी 71.71 फीसद बताई गई है जबकि इस वार्ड में सामान्य जाति की भागीदारी 75 फीसद है। सर्वे करने वाले कर्मचारी द्वारा एक स्थान पर बैठकर मनमानी रिपोर्ट बना दी, यह गलत है। 

सत्यापन करने वाले एक बार भी नहीं आए

इसी वार्ड के सेराज खान ने भी सर्वे रिपोर्ट को भ्रामक बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि सत्यापन करने वाले एक बार भी नहीं आए। वार्ड संख्या 28 जमुंद निवासी अकील अहमद खान ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार उनके वार्ड में पिछड़ी जातियों की संख्या 24.76 दिखाई गई है जबकि वास्तव में जमुंद वार्ड में पिछड़ी जातियों की संख्या 70 फीसद है। 

आरोप है कि कुछ लोगों के कहने पर सर्वे कर्मचारी द्वारा गलत रिपोर्ट लगाकर उन्हें लाभांवित करने का प्रयास किया है। इसी तरह सर्वे रिपोर्ट को लेकर लगभग सभी वार्डो में हलचल मची है। आपत्ति दर्ज कराने के लिए नगर पालिका द्वारा दो दिन का समय निर्धारित किया था जो शुक्रवार को समाप्त हो गया।

Edited By: Shivam Yadav