जागरण संवाददाता, भदोही: सुरियावां ब्लॉक के पट्टी जोरावर सिंह में फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से जमीन का बैनामा कराने की साजिश करने में महाराष्ट्र के पूर्व विधायक (एमएलसी) घनश्याम दुबे, तत्कालीन सब रजिस्ट्रार सहित तीन के खिलाफ मंगलवार को धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। यह मामला अपर जिला मजिस्ट्रेट की न्यायालय में चल रहा था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान दस्तावेज फर्जी मिले और उन्होंने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के बाद सुरियावां थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।

यह था मामला

सुरियावां के निदिउरा गांव निवासी भोलानाथ शुक्ल ने तहरीर में कहा कि पट्टी जोरावर सिंह गांव में गाटा संख्या 552 का उन्होंने बैनामा कराया है, वह उस पर काबिज दाखिल हैं। उसी आराजी नंबर पर फर्जी पावर आफ अटार्नी को आधार बनाकर जमीन की पूर्व मालकिन राजकुमारी देवी उधोपुर के फर्जी मुख्तारनामा के जरिए पूर्व विधायक, उनके चालक हरिप्रसाद निवासी चांदपुर, बलवरगंज मछलीशहर, जौनपुर ने मिलीभगत कर, तत्कालीन सब रजिस्ट्रार को साजिश में कर विक्रय किया गया। बैनामे में पावर ऑफ अटॉर्नी और उसकी वैधता का उल्लेख नहीं किया गया।

यह विवाद 30 साल से चल रहा है

फर्जी पावर ऑफ एटॉर्नी की वैधता को लेकर स्वयं उमाकांत ने अपनी पत्नी राजकुमारी के मुख्तार की हैसियत से सिविल वाद न्यायालय में दाखिल किया। आज तक उस वाद में विपक्षीगण की ओर से पावर ऑफ अटॉर्नी को प्रस्तुत नहीं किया गया। यह वाद 30 साल से चल रहा है। अपर जिलाधिकारी- जिला निबंधन अधिकारी ने सभी पक्षकारों के तर्कों और साक्ष्यों का परिशीलन किया। इसके बाद उसे फर्जी दस्तावेज माना गया। कहा गया कि फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर आराजी नंबर 552 पर बैनामा करने की साजिश रची गई जो आपराधिक कृत्य है। अपर जिलाधिकारी की जांच के आधार पर सुरियावां पुलिस ने पूर्व विधायक, तत्कालीन सब रजिस्ट्रार और ड्राइवर के खिलाफ सुरियावां थाने में जालसाजी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उप निरीक्षक को सौंपी गई।

Edited By: Nirmal Pareek

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