भदोही में ऑनलाइन नहीं हो सका खसरा-खतौनी, योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे किसान
डीघ ग्राम पंचायत, सीतामढ़ी (भदोही) में चकबंदी प्रक्रिया निरस्त होने के बाद किसानों के खसरा-खतौनी रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं हो पाए हैं।

ऑनलाइन नहीं हो सका खसरा-खतौनी।
HighLights
डीघ ग्राम पंचायत में चकबंदी निरस्त, भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं।
किसान सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण और सम्मान निधि से वंचित।
तहसीलदार ने जल्द भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी (भदोही)। डीघ ब्लॉक के ग्राम पंचायत डीघ में चल रही चकबंदी प्रक्रिया निरस्त होने के बाद अभी तक किसानों की जमीन का खसरा-खतौनी का विवरण कंप्यूटर रिकार्ड में ऑनलाइन दर्ज न होने से गांव के किसानों को शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
ऑनलाइन अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण किसानों को जमीन से संबंधित कार्यों के लिए तहसील और राजस्व विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाना पड़ रहा हैं।
ग्राम पंचायत में चकबंदी प्रक्रिया शुरू की गई थी। बाद में निरस्त कर दी गई थी। किसानों का कहना है कि गांव में 800 खाता एवं 3200 हेक्टेयर भूमि का राजस्व विभाग में आधा अधूरा रिकार्ड ही मिलने से दिक्कत हो रही है।
खसरा-खतौनी में भूमि का विवरण न दिखने से भूमि संबंधी दस्तावेज निकालने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा अन्य राजस्व कार्यों में दिक्कत आ रही है। यहां तक की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पा रही है तो गांव के किसान सम्मान निधि तक का लाभ नहीं पा रहे हैं। किसानों को पुराने कागजी अभिलेख लेकर तहसील पहुंचने पड़ रहा है। गांव के भूमि संबंधी रिकार्ड को ऑनलाइन दर्ज कराने की मांग ग्रामीणों ने की है।
कंप्यूटर से खसरा खतौनी न मिलने से शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए भी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। रिकॉर्ड दर्ज हो जाता तो लाभ मिलने लगता। -माता चरन तिवारी।
शासन की ओर से व्यवस्था कर दी गई है कि बगैर फार्मर रजिस्ट्री के खाद बीज नहीं मिलेगा। जबकि ऑनलाइन रिकार्ड न मिलने के फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पा रही है। इससे परेशानी हो रही है। -रेवती रमण मिश्र।
ऑनलाइन रिकार्ड न होने से किसी के खेतों का सही नाप जोख नहीं हो पा रही है। साथ ही किसी भी रिकॉर्ड के लिए लोगों को तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। रिकॉर्ड दर्ज कराने की जरूरत है। -राजेश तिवारी।
कम्प्यूटर पर खसरा खतौनी न मिलने से बैंकों द्वारा कृषि ऋण नहीं मिल पा रहा है। साथ ही अन्य योजनाओं से भी वंचित होना पड़ रहा है। राजस्व विभाग की ओर से अभिलेख तैयार करना तो शुरू किया लेकिन रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं हो पाया। -दीपक केशरी।
डीघ ग्राम पंचायत चकबंदी प्रक्रिया में था। बाद में चकबंदी प्रक्रिया रुक गई थी। किसानों के भूमि संबंधी रिकॉर्ड ऑनलाइन कराए जा रहे हैं। जल्द ही कार्य पूरा हो जाएगा। -अजयवीर सिंह, तहसीलदार, ज्ञानपुर।
