भदोही में 127 करोड़ से तीन जगह लगेगा वाटर प्यूरीफाई प्लांट, 25 MLD क्षमता का होगा संयत्र
भदोही में मोरवा व सहयोगी नदियों से गंगा में जाने वाले दूषित जल को शुद्ध करने के लिए 127.26 करोड़ ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
भदोही में 127 करोड़ के तीन जल शोधन संयंत्र लगेंगे।
मोरवा नदी में गिरने वाले दूषित जल को शुद्ध करेंगे।
कुल 25 एमएलडी क्षमता के संयंत्र प्रदूषण घटाएंगे।
जागरण संवाददाता, भदोही। जनपद से गुजरने वाली मोरवा व अन्य सहयोगी नदियों से होकर गंगा में प्रवाहित होने वाले दूषित जल को शुद्ध करने के लिए प्रस्तावित तीन जल शोधन संयत्र (एसटीपी) योजना धरातल पर उतरने वाली है। टेंडर में तकनीकी दिक्कत उत्पन्न होने के कारण लगभग छह माह से अधर में लटकी योजना पर काम शुरू हो चुका है।
राजस्व विभाग द्वारा एसटीपी के लिए चिह्नित जमीनों की पैमाइश करा दी है तो मेड़बंदी सहित अन्य बाधाओं से मुक्ति मिलने के बाद काम शुरू हो गया है। शहर में तीन स्थानों पर संयत्र लगाया जाएगा। इसके लिए शासन ने 165 करोड़ स्टीमेट के सापेक्ष 127.26 करोड़ रुपये स्वीकृति कर दिया गया है।
पिपरी में चिह्नित छह बीघा जमीन में 17 एमएलडी का सबसे बड़ा प्लांट लगाया जाएगा। जबकि धसकरी में चार बीघा में पांच एमलएडी और रामपुर सर्रोई में 28 बिस्वा जमीन में तीन एमएलडी क्षमता का संयत्र लगाया जाएगा।
पिपरी संयत्र से मामदवेपुर व नईबाजार नाले को जोड़ा जाएगा, जबकि धसकरी में चौरी रोड वाले नाले को व रामपुर सर्रोई के संयत्र के रजपुरा का नाला जोड़ा जाएगा।
मोरवा नदी में बहाया जा रहा मलजल
जनपद के उत्तरी भाग से गुजरने वाली मोरवा नदी में नगरीय क्षेत्र व ग्रामीण अंचलों के 20 से 25 एमएलडी (मिलियन लीटर) गंदा पानी व मलजल प्रतिदिन गिराया जाता है। जो आगे जाकर वरुणा नदी में समाहित होता है। जबकि वरुणा नदी गंगा में जाकर मिलती है।
ऐसे में मोरवा में गिरने वाले प्रदूषित पानी को शुद्ध करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की योजना तीन साल पहले बनाई गई थी। हालांकि राजस्व विभाग की ओर से इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने में काफी विलंब किया गया। जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद उ.प्र.जलनिगम (ग्रामीण) वाराणसी द्वारा शासन को डीपीआर भेजा गया।
टेंडर में तकनीकी दिक्कत उत्पन्न होने से योजना को धरातल में लाने में विलंब हुआ। बाद में जमीन को लेकर भी कुछ विवाद था। जिसका समाधान करा लिया गया है। राजस्व विभाग ने चिह्नत भूमि की पैमाइश कर मेड़बंदी करा दी है। कार्यदाई संस्था ने काम शुरू कर दिया है। -डीएस वर्मा, ईओ नगर पालिका परिषद भदोही।
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