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संग्राम सिंह, भदोही

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ज्ञानपुर कोतवाली से महज 200 मीटर फासले पर पुरानी बाजार की घनी बस्ती में मौत का सामान कई दशकों से बन रहा था। पुलिस कारोबारी पूर्व सभासद मोहम्मद इलियास के गिरेबां पर आज तक हाथ नहीं डाल सकी। इलियास के मरने के ठीक 10 दिन बाद पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया है। दो बोरी पटाखा और करीब 100 ग्राम बारुद बरामद करने में पुलिस को सफलता मिल तो गई लेकिन सिस्टम पर कई सवाल छोड़ गई। पांच हजार की आबादी वाली बस्ती में एक सप्ताह से बारूद से पटाखा बेधड़क बनाया जा रहा था। तीन हजार आलू बम बन चुके थे। चिगारी कभी भी शोला बन सकती थी। ऐसे में जिदगियां खतरे के मुहाने पर खड़ी रही।

संभावना को बल इसलिये भी मिलता है क्योंकि बरामदगी स्थल पर दो साल पहले भी खून की छींटे पड़ चुके हैं। अक्टूबर 2018 में इसी स्थान पर पटाखा बनाते समय विस्फोट हुआ था। मकान की छत उड़ गई थी। एक कारीगर की हथेलियां भी उड़ गई। चारों तरफ लहू बिखरे पड़े थे। इसके चलते डीएम ने पूर्व सभासद का लाइसेंस निरस्त करने के आदेश भी दिये थे। बावजूद इसके कार्रवाई ने यू टर्न लिया। रसूख के चलते दोबारा लाइसेंस उसने हासिल कर लिया। बता दें कि बीते चार सितंबर को इलियास की मौत हो गई थी। ऐसे में लाइसेंस अवैध था, इसके बावजूद उसके भाई मोहम्मद रियाज ने एक बोरी बारूद से पटाखा बना भी लिया। बचे हुए बारूद से और पटाखा बनाने की प्रक्रिया धड़ल्ले चल रही थी लेकिन वह रंगे हाथ पुलिस के चंगुल में फंस गया। शनिवार को उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की कई सिरे से जांच शुरू हो चुकी है। हालांकि आरोपित को थाने से जमानत दे दी गई है।

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39 अतिशबाजों को जारी हुआ है लाइसेंस, चलता है अवैध कारोबार

यह कस्सिा तो सिर्फ बानगी भर है, दरअसल कालीन नगरी के आधा दर्जन प्रमुख नगरों में ऐसे ही बारूद से मौत का सामान तैयार किया जा रहा है। अधिकृत आतिशबाजों में से ज्यादातर के पटाखा कारखाने से लेकर गोदाम तक घनी आबादी में हैं, जिन्हें हटवाने की कार्रवाई ठंड बस्ते में है। जिले में 39 आतिशबाजों को लाइसेंस जारी हुआ है। कुछ को पटाखा बनाने और बेचने का तो कुछ को केवल बेचने के लिए अधिकृत किया गया।

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चौरी के विस्फोट में गई थी 13 जानें

चौरी के रोतहां में वर्ष 2018 में अवैध पटाखा विस्फोट हुआ था, इसमें 13 कालीन बुनकरों की मौत हो गई थी। बाद में डीएम राजेंद्र प्रसाद ने एसडीएम से वैध और अवैध पटाखा कारोबारियों के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।

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कहां कितने जारी हैं लाइसेंस

थाना लाइसेंस

ज्ञानपुर 03

सुरियावां 08

गोपीगंज 06

औराई 07

भदोही 05

रामपुर 02

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बस्तियों के अंदर बना रखा है कारखाना

पटाखा रखने के गोदाम और उसके कारखाने को बस्तियों से दूर रहना चाहिये। लेकिन लाइसेंस धारक बस्तियों के अंदर ही गोदाम और कारखाना बनाए हैं। ज्ञानपुर कोतवाली के चंद कदम दूर रिहायशी इलाके में बीते सात सितंबर 2016 को हुए पटाखा से विस्फोट ने पुलिस की पोल खोल दी थी। आए दिन पटाखा विस्फोट की घटना होती है। ज्ञानपुर, भदोही, गोपीगंज, सुरियावां, घोसियां आदि प्रमुख बाजार बारूद के ढेर पर बसे हैं।

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सिर्फ दशहरा और दीपावली में दिखती है खाकी की सक्रियता

दशहरा और दीपावली पर्व आते ही पुलिस सक्रिय हो जाती है। ज्ञानपुर नगर में अवैध पटाखा कारोबारी के यहां से पिछले दिनों डेढ़ लाख का पटाखा बरामद किया था। इसी तरह गोपीगंज में भी पुलिस ने छापेमारी की थी लेकिन उसके हाथ खाली रहे।

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कोट --- अवैध पटाखा और बारूद की बरामदगी में कार्रवाई कर दी गई है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कई पहलुओं की जांच की जा रही है। और भी देखा जा रहा है कि क्षेत्र में ऐसे अवैध कारखाने और कहां संचालित किये जा रहे हैं।

फोटो 48--- केके सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली ज्ञानपुर

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