महेंद्र दुबे, ज्ञानपुर भदोही

ब्लाक संसाधन केंद्रों और न्याय पंचायत स्तर पर तैनात समन्वयकों को उनके मूल विद्यालय भेजने के बाद शासन ने प्रत्येक ब्लाकों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) पद की स्वीकृति दी है। प्रत्येक ब्लाकों में अलग-अलग विषय के अलग-अलग एआरपी तैनात किए जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि शैक्षिक गुणवत्ता के अलावा अन्य कोई काम नहीं कराया जा सकेगा। सीडीओ की अध्यक्षता में चयन समिति गठित कर एक माह के अंदर नियुक्ति कर शासन को अवगत कराने के लिए शासनादेश जारी कर दिया गया है।

परिषदीय विद्यालयों में गिरते शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शासन स्तर पर कवायद की जा रही है। अब तक ब्लाक संसाधन केंद्र और न्याय पंचायत स्तर पर समन्यकों की नियुक्ति की जाती रही है। समन्वयक अपने मूल कार्य को छोड़कर लिपिकीय कार्य में जुट गए थे। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने शासनादेश जारी कर सभी समन्वयकों को मूल विद्यालय भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रत्येक ब्लाक संसाधन केंद्रों पर अलग-अलग विषयों के अलग-अलग एआरपी तैनात करने के लिए पद स्वीकृत किया है। साथ ही सभी पदों पर एआरपी को चयनित कर रिपोर्ट भी मांगी है। जिले में सभी छह ब्लाक संसाधन केंद्रों पर अलग-अलक विषयों के अलग-अलग 36 एआरपी की तैनाती की जाएगी। एआरपी को अलग से यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा।

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एआरपी का कार्य एवं दायित्व

एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का वेतन उसी विद्यालय से निकलेगा जिस विद्यालय में वह कार्यरत हैं। प्रत्येक माह में कार्ययोजना एवं भ्रमण जिला समन्वयक प्रशिक्षण के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और डायट को उपलब्ध कराएंगे। इसमें विद्यालयों की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध अकादमिक जानकारियां आंकड़ों के आधार पर बनाएंगे। प्रतिमाह न्यूनतम 30 विद्यालयों में दो बार प्रेरणा एप के माध्यम से आनलाइन सपोर्टिव सुपरविजन सुनिश्चित कराएंगे। इसके साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि एवं शैक्षिक वातावरण के निर्माण के लिए कार्यशाला, प्रशिक्षण, गोष्ठी, सेमिनार, प्रतियोगिता, बैठक रैली आदि का आयोजन कराएंगे।

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ऐसे होगा चयन

एआरपी पद पर चयन के लिए जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। लिखित परीक्षा एवं माइक्रो टीचिग, शिक्षण प्रदर्शन एवं साक्षात्कार आदि के मध्यम से चयनित किया जाएगा। एआरपी का कार्यकाल एक वर्ष होगा। कार्य संतोषजनक होने पर तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि एक माह के अंदर नियुक्ति कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

Posted By: Jagran

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