जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए डिपार्टमेंट आफ बायोटेक्नालाजी के अंतर्गत 75 लाख के भेजे गए प्रस्ताव में 55 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। विज्ञान वर्ग के प्रयोगशाला को अत्याधुनिक तरीके से सुसज्जित किया जाएगा। 10 साल से प्रायोगिक कार्य से वंचित छात्रों को लाभ मिलेगा।

प्राचार्य डा. पीएन डोंगरे ने बताया कि कालेज में स्नातक और परास्नातक के साथ ही शोध छात्रों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। प्रायोगिक विषयों में तो छात्रों को बहुत दिक्कत झेलनी पड़ रही। स्टार कालेज स्कीम के तहत डिपार्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नालाजी के अंतर्गत स्नातक के लिए 75 लाख और परास्नातक के लिए दो करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से प्रदेश में केएनपीजी के अलावा चार और कालेज का चयन हुआ था।

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नहीं शुरू हुआ काम तो देना होगा जुर्माना

आवंटित बजट से जंतु विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिक विज्ञान के प्रयोगशाला को विकसित किया जाएगा। इसके साथ उनके केमिकल आदि की खरीद की जाएगी। दिसंबर अंतिम डेटलाइन जारी हुई है। इसके पहले काम नहीं शुरू कराया गया तो पांच लाख रुपये कालेज को जुर्माना देना होगा।

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असिस्टेंट प्रोफेसर के तबादले ने फंसाया पेंच

डीबीटी को प्रस्तुत करने में असिस्टेंट प्रोफेसर रश्मि सिंह की भूमिका अहम रही है। वह दिल्ली तक पहुंचकर प्रोजेकट को प्रस्तुत कर चुकी हैं। नियमानुसार प्रोजेक्ट को प्रस्तुत करने वाला ही बजट को खर्च कर सकता है। इसी बीच उनका तबादला मीरजापुर होने से पेंच फंस गया। प्राचार्य ने बताया कि पत्र निदेशालय भेजा गया है। जब तक रश्मि केएनपीजी कालेज में नहीं आती, तब तक काम शुरू नहीं होगा।

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