बस्ती : सल्टौआ गोपालपुर विकास खंड के मुरादपुर गांव में चल रहे रामलीला के चौथे दिन कलाकारों द्वारा ताड़का बध और मुनि आगमन का सजीव मंचन किया गया। यह देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। देर तक भगवान के जयकारे लगे। कार्यक्रम की शुरुआत जुगुल सरकार की झांकी से हुआ। राक्षसों का उपद्रव पूरे चरम पर था। जिससे ऋषि, मुनि परेशान व आतंकित थे। वे थक-हार कर विश्वामित्र के पास पहुंचते हैं। उनके परामर्श पर सभी अयोध्या पहुंच अपनी व्यथा राजा दशरथ को सुनाते हैं। उन्हें बताया गया कि राक्षसों के आतंक से यज्ञ और तप तक नहीं हो पा रहा है। ऋषी, मुनियों की तपस्या भंग कर देते हैं। राक्षसों से मुक्ति के लिए राम और लक्ष्मण को साथ भेजने की राजा दशरथ से मनुहार हुई। अंत में राजा दशरथ को अनुरोध स्वीकार करना पड़ा। राम व लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेजने पर राजी हुए। अगले दृश्य में विश्वामित्र तपस्या में लीन हैं। राम व लक्ष्मण आश्रम की रक्षा कर रहे हैं। तभी आकाश में जोरदार ठहाके की गूंज हुई। डरावनी व भयानक आवाज के साथ ताड़का का आगमन होता है। दोनों भाई उसका बध कर देते हैं। यह देख पंडाल में मौजूद दर्शक खुशी में उछल पड़े। भगवान राम के जयकारे गूंज उठे। आयोजक कुंज बिहारी वर्मा, राम निवास चौधरी, राम निहाल, आशुतोष पांडेय, संजय पांडेय, रामकुश मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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