बस्ती : विकास खंड बहादुरपुर के बैजीपुरवा गांव स्थित पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। कुआनो नदी की बाढ़ के कारण एक सप्ताह पहले पुलिया क्षतिग्रस्त हुई और तभी से इस पर आवागमन ठप है। लोगों को ब्लाक व जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए दूसरे रास्ते से अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।

तीन किमी लंबी बैजीपुरवा-धौरहरा सड़क का निर्माण मुख्यमंत्री त्वरित विकास योजना के तहत लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2016-17 में कराया था। इस सड़क से कई गांवों के लोगों का आना-जाना होता है। बैजीपुरवा में पुलिया का निर्माण कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया निर्माण के दौरान गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे, लेकिन लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया। पुलिया का एक सिरा बाढ़ के पानी के दबाव से क्षतिग्रस्त हो गया है। विधायक रवि सोनकर ने तीन दिन पहले ग्रामीणों से मुलाकात कर विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलिया को जल्द दुरुस्त कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।

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खतरनाक बना खुला नाला, बढ़ीं दुर्घटनाएं

बस्ती: पुरानी बस्ती क्षेत्र के बरदहिया चौराहे से हड़िया नहर तक कीचड़ व पानी से भरा खुला नाला खतरनाक बन गया है। इसमें आए दिन कोई न कोई बेसहारा पशु गिर जाता है। कई पशुओं की मौत हो चुकी है। दो साल पहले बच्ची की भी मौत हो गई थी। बुधवार को भी नाले में एक गाय गिर गई। गाय को बाहर तो निकाल लिया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका।

दो वर्ष पहले दीपावली के एक दिन पूर्व नाले में गिरने से क्षेत्र के सुरेश गुप्ता की पांच वर्षीय बेटी टुकटुक की मौत हो गई थी। घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ता राजन सिंह की मांग पर नाले के उस स्थान को, जहां बच्ची गिरी थी, ढक दिया गया, लेकिन बाकी हिस्से को छोड़ दिया गया। बड़ेरिया बुजुर्ग से लेकर बरदहिया चौराहे तक का यह खुला नाला जानलेवा बना हुआ है। बुधवार को भी गाय के गिरने की सूचना पर पहुंचे भाजपा नेता ने पूरे नाले को ढकने की मांग की है।

Edited By: Jagran