बस्ती: ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल निगम द्वारा गांवों में जगह-जगह इंडिया मार्क हैंडपंप लगाया गया है। इनमें से तमाम हैंडपंपों से प्रदूषित जल निकल रहा है। शिकायतों के बाद भी विभाग द्वारा इन हैंडपंपों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। मजबूर होकर लोगों को प्रदूषित जल से ही प्यास बुझानी पड़ रही है। कई प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों पर लगे हैंडपंपों का पानी भी पीने लायक नहीं है। सल्टौआ गोपालपुर विकास खंड के दर्जनों गांवों में हैंडपंप खराब हैं। यहां तक कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लगे हैंडपंप का भी पानी पीने लायक नहीं है। पिछले दिनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमनदीप डुली ने स्वयं इसे चलाकर देखा था। उन्होंने हैंडपंप को री-बोर कराने का निर्देश दिया था। भिरिया बाजार में लगा हैंडपंप दो साल से बेपानी है। हैंडपंप की चौकी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। अमरौली शुमाली ग्राम पंचायत के चिरैयाडांड़ गांव में मिनी सचिवालय पर लगे हैंडपंप से प्रदूषित पानी निकलता है। सोनहा थाने पर लगे इंडिया मार्क हैंडपंप को उखाड़कर रख दिया गया है। लगभग साल भर बीत जाने के बाद भी इसे रीबोर नहीं कराया गया। प्राथमिक विद्यालय कल्यानपुर, सल्टौआ, विशुनपुर, हसनापुर, बांसापार, पिपरा आदि स्थानों पर लगे हैंडपंपों से प्रदूषित पानी निकल रहा है। मुरादपुर निवासी राम आसरे चौधरी व रेहारजंगल में राम पदारथ के घर के सामने लगे हैंडपंप खराब हैं। यही हाल रुद्रपुर स्थित दुर्गा मंदिर पर लगे हैंडपंप का भी है। भितरी पचानू के मेहवरा निवासी नंदा राजभर, राम नेवास व मेहीलाल के घर के समीप लगे हैंडपंप भी प्रदूषित पानी उगल रहे हैं। झलहनिया गांव में रामदेव व बांसापार में तीजू के घर के सामने लगे हैंडपंप भी काफी समय से खराब हैं। मझौआ खुर्द में मिल्लू व सेखुई में उमाशंकर मोदनवाल की दुकान पर लगे हैंडपंपों का पानी भी पीने लायक नहीं रह गया है। राजकुमार, ध्रुव चन्द, संदीप यादव, शेषमणि शुक्ल, रवींद्र चौधरी, राम सूरत, सुखई, राज कुमार चौरसिया, विश्राम का कहना है कि शिकायत करने पर भी विभाग द्वारा इन्हें ठीक नहीं कराया जाता है।

By Jagran