बस्ती : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्ती की पहचान महर्षि वशिष्ठ की तपस्थली के रूप में कराई। कहा कि बस्ती पर महर्षि की विशेष कृपा है। महर्षि वशिष्ठ न होते तो राम जैसे शिष्यों का गुरुकुल कौन चलाता। मखौड़ा में पुत्रेष्टि यज्ञ महर्षि ने ही कराई थी। इसीलिए बस्ती में मेडिकल कालेज महर्षि वशिष्ठ के नाम समर्पित कर दिया। उनकी कृपा बस्ती पर हमेशा बनी रहे।

वशिष्ठ की इस धरती पर 116 करोड़ रुपये की 49 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है। बगल में अयोध्या को भी नई पहचान मिल रही है। जनकपुर की तरह अयोध्या में भी एयर पोर्ट बनेगा। सरकार ने दो सौ करोड़ रुपये इस मद में दे दिए हैं। अयोध्या में राजा दशरथ के नाम मेडिकल कालेज की स्थापना कराई गई है। राम-जानकी मार्ग सीतामढ़ी से जुड़ने जा रहा है। भविष्य में जनकपुर से जोड़ने की योजना है। यह मार्ग त्रेताकाल की याद दिलाएगा। तीन से चार घंटे में सफर पूरा होगा। 20 साल बाद मुंडेरवा में फिर से चीनी मिल स्थापित हुई। नई मिल की पेराई क्षमता 50 हजार प्रति क्विंटल प्रतिदिन है। इसके अलावा 27 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा। इससे तीस करोड़ रुपये सालाना इस मिल अतिरिक्त कमाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच सकारात्मक है। इसीलिए मकान, बिजली, रोजगार, शौचालय सबकी व्यवस्था हो रही है। आह्वान किया निराश्रित गोवंश योजना, स्वच्छता मिशन में जनसहभागिता सुनिश्चित होनी चाहिए। धरती माता के स्वास्थ्य की चिता जन-जन को होनी चाहिए। गंदगी कहीं न रहने दे। खेतों में पराली और गन्ने की पत्तियां न जलाएं। उन्होंने भीड़ को संकल्प भी दिलाया। सर्द के मौसम में अब कोई भी व्यक्ति पटरी पर नहीं सोएगा। रैनबसेरा, कंबल की व्यवस्था हर जिले में की जा रही है।

Posted By: Jagran

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