बस्ती: तटबंध और सरयू नदी के बीच स्थित गांवों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। सरयू का जलस्तर घटने से जहां गांव से पानी निकलने लगा था, वहीं शुक्रवार को एक बार फिर नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार नदी खतरे के निशान 92.73 मीटर से 8 सेमी नीचे प्रवाहित हो रही है।

सुविखाबाबू मजरा एक बार फिर पानी से घिरने लगा है। बिसुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, खजांचीपुर का एक पुरवा, टेड़वा व अशोकपुर के कुछ मजरों की तरफ पानी फिर बढ़ने लगा है। कटरिया-चांदपुर तटबंध के कटरिया गांव के निकट बने ठोकर पर दबाव बढ़ गया है। चांदपुर- गौरा एवं गौरा-सैफाबाद तटबंध पर भी दबाव बरकरार है। बाढ़खंड विभाग संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरा लगाकर निगरानी कर रहा है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है, बचाव कार्य के लिए सामान भी पर्याप्त है।

झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

शुक्रवार की शाम आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश से किसानों के मुरझाए चेहरे पर मुस्कान लौट आई। आंधी के चलते पेड़ भी गिरे। पोल व तार क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। बारिश से धान की फसल को काफी फायदा हुआ है।

शाम छह बजे पहले तेज आंधी आई फिर थोड़ी देर बाद बारिश हुई। हवा तेज होने के चलते कमजोर पेड़ टूटकर गिर गए और कुछ पेड़ तो जड़ से ही उखड़ कर सड़क पर गिर गए। सड़क पर पेड़ गिरने के चलते आवागमन प्रभावित रहा। शहर के सदर तहसील गेट के सामने एक पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गया। इसकी चपेट में स्कार्पियो वाहन और फल ठेला आ गया। गनीमत रहा कि कोई घायल नहीं हुआ। बिजली के तार भी क्षतिग्रस्त हुए। मालवीय रोड पर एक पेड़ को बांस-बल्ली के सहारे रोका गया है। आंधी व बारिश से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। यही हाल गांवों में भी है। टिनिच संवाददाता के अनुसार दो दिनों से हो रही भीषण गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बारिश से राहत मिली है। पहले धूल भरी आंधी फिर हुई बारिश ने राहत पहुंचाया है। बारिश से राहगीरों को आवागमन में समस्या हुई, लेकिन क्षेत्रीय लोगों के चेहरे पर सुकून दिखा। गन्ने और धान की फसल को इस समय नियमित अंतराल पर पानी की जरूरत है, ऐसे में बारिश होने से फसलों को संजीवनी मिलने के साथ किसानों को आर्थिक राहत भी मिली है।

Edited By: Jagran