यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बदहाल हुई सड़कें, गड्ढों में कैसे चले लोग
जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। इन पर चलना खतरे से खाली नहीं है। बरसात में ...और पढ़ें

बस्ती : जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। इन पर चलना खतरे से खाली नहीं है। बरसात में तो स्थिति और नारकीय बन गई है। सुगम आवागमन को हर रोज चुनौती मिल रही है। सड़क पर अनेक अनियमित गड्ढे हैं। पैच कार्य उखड़ कर गायब हो गया है। कहीं-कहीं सड़क का अस्तित्व भी खत्म है। राह में बने गड्ढे पानी से लबालब भरे हैं। तालाब जैसी शक्ल में सड़कें तब्दील हो चुकी हैं। छोटे- बड़े सभी वाहन हिचकोले खा रहे हैं। कदम- कदम पर चुनौती है। जोखिम भरी यात्रा करना सभी की मजबूरी बन गई है। सर्वाधिक दुर्गति दो पहिया और साइकिल सवारों की हो गई है। यात्रा के दौरान यह लोग गंदे पानी से सराबोर हो रहे हैं। गड्ढ़ों में गिरकर चोटिल होना आम बात है। जागरण टीम की पड़ताल में मुख्यालय से जुड़ी सड़कों की स्थिति ऐसी ही मिली।
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द्विजेश मार्ग पर गड्ढों में चल रहे वाहन
हाइवे से मुख्यालय को जोड़ने वाला द्विजेश मार्ग खस्ताहाल हो चुका है। आपको दिखाते हैं इस मार्ग की बदहाली। यहां वाहन गड्ढों में चल रहे है। अंदाज से सभी को वाहन चलाना पड़ रहा है। सड़क पर दृश्य तालाब जैसा है। कब कहां कौन वाहन फंस कर अनियंत्रित हो जाए कोई ठिकाना नहीं है। पचपेड़यिा मोहल्ले से ही सड़क की दुर्दशा शुरू हो गई है और हाइवे तक यही हाल है। पचपेड़यिां और गदहाखोर मोड़ के बीच लगभग एक किमी की दूरी में यह सड़क अस्तित्व विहीन हो गई है। जगह-जगह पैच कार्य उखड़ चुका है। अनियमित गड्ढों की भरमार है। कहीं ईंट के टुकड़े डाले गए हैं तो कहीं बारिश का पानी भरा है। वाहन हिचकोले खाते हुए चल रहे हैं। यहां स्टेय¨रग के हिसाब से पहिया नहीं बल्कि पहिए के हिसाब से स्टेय¨रग घूम रही है। दो पहिया और साइकिल सवार लोग अक्सर इन गड्ढों में गिर रहे हैं। कोई चोटिल हो रहा है तो कोई गंदे पानी से सराबोर हो रहा है। अभी तक प्रशासनिक पहल न के बराबर हुई है।
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पटेल चौराहा- वाल्टरगंज मार्ग भी बदसूरत
पटेल चौराहा से वाल्टरगंज को जोड़ने वाला मार्ग भी बदसूरत हो गया है। यहां चलने लायक नहीं है। अभी पिछले सप्ताह स्थानीय ग्रामीण दुर्दशा से आजिज आकर सड़क पर धान की रोपाई किए थे। हरदिया चौराहे के पास यह सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील है। खोराखार, श्रीपालपुर, राजा बगिया के पास सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जबकि इस मार्ग से वाल्टगंज कस्बे के अलावा दो रघुनाथपुर, श्रीपालपुर, हरदी शुक्ल, भरौली बाबू, बारह छत्तर, टिनिच, गौर तक के लोगों का आना जाना मुख्यालय तक लगा रहता है। लेकिन क्षतिग्रस्त सड़क सुगम आवागमन बहाल कर पाने में अक्षम है।
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मनौरी- पांडेय बाजार मार्ग खस्ताहाल
मनौरी चौराहा से पांडेय बाजार तक आने वाला मार्ग इन दिनों खस्ताहाल है। चैनपुर ओवर ब्रिज के नीचे से सहकारिता कार्यालय तक यह सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। डुमरियागंज और बांसी मार्ग के टैक्सी वाहन इसी रास्ते रेलवे स्टेशन पर जाते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र भी इस मार्ग से जुड़ा हुआ है। अनियमित आकार के गड्ढे वाहनों को अक्सर अनियंत्रित कर रहे है। इस पर सुरक्षित यात्रा बहुत मुश्किल से हो पा रही है। हल्की सी असावधानी से लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
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बरसात बाद सड़कों की होगी मरम्मत
बरसात के चलते सड़कों की स्थिति खराब हो गई है। सभी प्रमुख सड़कों को चिह्नित किया जा रहा है। संबंधित विभागों को प्रस्ताव और आगणन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बरसात बाद इन सड़कों पर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
डा. राजशेखर, जिलाधिकारी, बस्ती।
