बस्ती : नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में गुरुवार को विभिन्न संगठनों के लोग मुखर हुए। प्रशासन से मिली अनुमति के बाद जीआइसी मैदान में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग एकत्र हुए। यहां से तिरंगे के साथ शांति मार्च निकाला गया। इसमें महिलाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। नाट-सीएए लिखी तख्तियां हाथों में लहरा रही थी। आंदोलनकारियों के साथ बड़ी संख्या में फोर्स और पुलिस अधिकारी चल रहे थे।

आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन, अंजुमन इस्लामिया बस्ती, बहुजन मुक्ति पार्टी की अगुवाई में लोग एकत्र हुए। तिरंगे के साथ सीएए, एनआरसी और एनपीआर जैसे कानून के विरोध में लोग मौन होकर सड़क पर चल दिए। लोग दुकानदारों से भी पदयात्रा में शामिल होने के लिए आह्वान कर रहे थे। इस विरोध मार्च में महिलाओं और बच्चों ने भी कदमताल किया। यह पद यात्रा गांधीनगर, कंपनीबाग से होते हुए शास्त्री चौक पहुंची। यहां आंदोलनकारियों ने संविधान की प्रस्तावना और राष्ट्रगान पढ़ा। अपर पुलिस अधीक्षक पंकज के नेतृत्व में सीओ एवं कई थानों की पुलिस शुरू से आखिरी तक मुस्तैद रही। शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त होने के बाद ही पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।

इस दौरान अबरार अहमद, शोएब आजम, सैयद अशरफ हुसैन, राकेश कन्नौजिया, मो. युशुफ नावेद, अशफाक अहमद, मो. जावेद, मो. हलीम, डा. फारूक, आरके गौतम, डा. एआर खान, डा. एनयू जमाली, काजी फरजान, सैयद जफर अहमद, नदीम, शहनवाज, दयानिधि आनंद, हृदय गौतम, मो. ताहिर, दीपक मिश्र, जैकी आ•ाद, शिवम गुप्त, अफजल कारखी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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