बस्ती : मुंडेरवा में नई चीनी मिल के निर्माण की शुरुआत होते ही क्षेत्र में गन्ने का रकबा बढ़ गया है। गत वर्षों की तुलना में इस वर्ष गन्ना क्षेत्रफल में 34 फीसद की वृद्धि हुई है। बता दें कि पेराई सत्र1998-99 में मुंडेरवा चीनी मिल बंद हुई थी। उसके बाद से ही गन्ना किसानों का हौसला गन्ने की खेती के प्रति टूट गया था। नई चीनी मिल लगने की प्रक्रिया शुरू होते ही किसानों को संजीवनी मिल गई। अप्रैल 2018 में मुंडेरवा में नई चीनी मिल लगाने का काम शुरू हुआ। मिल बंद होने के बाद से ही सुसुप्त पड़ा गन्ना विकास विभाग भी जागा और इसके सकारात्मक परिणाम भी मिलने लगे। गत वर्ष की तुलना में इस साल गन्ने की खेती में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गन्ना विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 2017-18 में मुंडेरवा परिक्षेत्र के 618 गांवों के कुल 7678 हेक्टेअर में गन्ने की ़फसल थी । सत्र 2018-19 के लिए गन्ना विभाग ने जो सर्वेक्षण किया है उसके आंकड़े उत्साहजनक हैं। इस सत्र में गन्ने की खेती 34 फीसद बढ़ गई है। मुंडेरवा परिक्षेत्र में कुल रकबा 10404 हेक्टेअर हो गया है। इसी आंकड़े के आधार पर किसानों का सट्टा बनाया जाना है। यह आंकड़ा ग्रीष्मकालीन गन्ने की बोआई के बाद का है। अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली शरदकालीन बोआई के बाद यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। शरदकालीन गन्ने का सर्वे पेराई सत्र 2019-20 में किया जाएगा।

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15 से20 हजार हेक्टेअर गन्ना क्षेत्रफल की जरूरत : सीसीएम

मुंडेरवा में लग रही नई चीनी मिल के मुख्य गन्ना प्रबंधक मनीष भारद्वाज की मानें तो चीनी मिल की शुरुआती दैनिक पेराई क्षमता 50 हजार ¨क्वटल प्रतिदिन की होगी। इस लिहाज से एक पेराई सत्र में मिल की मांग 90 लाख ¨क्वटल गन्ने की होगी। जिसके उत्पादन के लिए 15 से 20 हजार हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल की जरूरत होगी । वर्तमान में मुंडेरवा परिक्षेत्र में गन्ना क्षेत्रफल 10404हेक्टेयर ही है।

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संतकबीर नगर जनपद पूरी कर सकता है मांग

नई चीनी मिल से मात्र एक किलोमीटर उत्तर और तीन किलोमीटर पूरब संतकबीर नगर जनपद के गांव शुरू हो जाते है। वर्तमान में मुंडेरवा गन्ना परिक्षेत्र में संतकबीर नगर जनपद के सेमरियावां खलीलाबाद, नाथनगर और बघौली ब्लाकों के सैकड़ों गांव सम्मिलित हैं। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक आशुतोष मधुकर ने बताया कि सहकारी गन्ना समिति खलीलाबाद के 362 गांवों में इस वर्ष 2324.78हेक्टेयर गन्ना है। शरदकालीन बोआई के बाद यह आंकड़ा भी बढेगा। मुंडेरवा चीनी मिल के सामान्य प्रबंधक आरपी ¨सह का कहना है कि 2019-20 तक मुंडेरवा और खलीलाबाद गन्ना परिक्षेत्र का कुल गन्ना क्षेत्रफल 15 हजार हेक्टेयर हो जाएगा।

Posted By: Jagran