बस्ती: क्षेत्र के ग्राम धरमपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार की रात भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव हुआ। कृष्ण के जन्म लेते ही उपस्थित लोगों ने पुष्प वर्षा की।

कथा सुनाते हुए आचार्य आशुतोष तिवारी शांडिल्य ने कहा कि मनुष्य भगवान को छोड़कर माया की ओर दौड़ता है। ऐसे में वह माया रुपी बंधन में आ जाता है। मानव को अपना जीवन सुधारने के लिए भगवत सेवा करनी चाहिए। ययाति के बड़े पुत्र यदु हुए। उन्हीं के वंश में भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्णपक्ष अष्टमी को रात्रि 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में हुआ। भगवान कृष्ण ने संसार को अंधेरे से प्रकाश में लाने के लिए जन्म लिया और अज्ञान रूपी अंधकार को ज्ञानरूपी प्रकाश से दूर किया। भगवान कृष्ण को जब वसुदेव यशोदा मैया के घर लेकर जा रहे थे तो, शेषनाग ने छाया की और यमुनामाता ने चरण छुए। कृष्ण को नंदबाबा के घर छोड़कर यशोदा मैया की कन्या को लेकर वापस कंस के कारागृह में आए।

इस दौरान यजमान हरिशंकर तिवारी, पार्वती तिवारी, शिवधर शुक्ल, जगदम्बा पाण्डेय, ओमप्रकाश सिंह, शिवशंकर तिवारी, किकर सिंह आदि मौजूद रहे।

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