बस्ती: चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत 80 हजार से अधिक श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, जिले की में स्थिति काफी खराब है। शासन का निर्देश है कि ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक श्रमिकों को लगाकर अधूरे कार्यों को पूर्ण कराया जाए, जिससे श्रमिकों को सौ दिन का रोजगार दिया जा सके, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति संतोषजनक नहीं हो पा रही है।

जिले में मनरेगा के तहत 80555 परिवारों को इस वित्तीय वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाना है। इसके सापेक्ष अब तक महज 379 परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार मिल पाया है। अब तक सबसे बेहतर स्थिति परशुरामपुर ब्लाक की है। वहीं रुधौली सहित चार ब्लाक श्रमिकों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराने में हांफ रहे हैं। अब तक की जो स्थिति है उसके अनुसार रुधौली ब्लाक में चार, कप्तानगंज में पांच, रामनगर व गौर में 11-11, विक्रमजोत में 7, बहादुरपुर में 17, बस्ती सदर में 18, साऊंघाट व हर्रैया में 23-23, बनकटी में 31, सल्टौआ गोपालपुर में 44, दुबौलिया में 51, कुदरहा में 59 व परशुरामपुर में 68 परिवारों को 15 सितंबर तक सौ दिन का रोजगार मिल पाया था।

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अभी भी 267 ग्राम पंचायतों में नहीं चल रहा कार्य

जिले के 1185 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 918 में मनरेगा से विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। इस समय कुल 2798 कार्य चल रहे हैं, जिसमें 24257 श्रमिक लगे हैं।

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बारिश व जलभराव के कारण ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कराए जाने वाले कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं। जिससे 100 दिन रोजगार का लक्ष्य पूरा किया जा सके।

कमलेश कुमार सोनी,उपायुक्त श्रम एवं रोजगार

Edited By: Jagran