जासं.बस्ती : भुवर निरंजनपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव प्रसंग पर सोहर गीत व श्रीकृष्ण झांकी देख श्रद्धालु नृत्य करने को विवश हो गए। कथा व्यास पं.देवस्य मिश्र ने भगवान जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन किया। कहा जब धरती पर पाप रूपी कंस का अवतार होता है तब तब श्रीनारायण विष्णु अवतार लेकर पापियों का वध करते हैं। श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कंध में जब धरती पर पाप बढ़ने लगा। गौर ब्राह्मणों की हत्या होने लगी । धर्म कर्म,हवन-पूजन असुरों द्वारा रोक दिया गया तो मां धरती ने शिवसागर में लेटे भगवान नारायण से बढ़ते पापाचार व आसुरी शक्तियों के विनाश के लिए गुहार लगाई। प्रभु आप अवतरित होइए और मानव जाति का कल्याण करें। भगवान का अवतार श्रीकृष्ण के रूप में मानव जाति के कल्याण के लिए हुआ। जब भगवान धरती पर अवतरित हुए तो देवी-देवताओं में हर्ष व्याप्त हो गया। सभी देवताओं ने पुष्पवर्षा की।

कथा श्रवण में राम धनी चौधरी, सदानंद चौधरी, बिहारी पांडेय, पंडित विजय शुक्ल सहित अनेक लोग मौजूद रहे। हनुमानगढ़ी मंदिर में धूमधाम से मनाया गया काल भैरव का जन्मोत्सव जागरण संवाददाता, बस्ती : शहर के गांधीनगर में स्थित श्रीहनुमानगढ़ी मंदिर में शनिवार को काल भैरव का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। वैदिक मंत्रों के बीच विधि विधान से पूजन-अर्चन किया गया। सुबह से लेकर देर रात तक मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भंडारा में प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद भी लिया।

जन्मोत्सव के अवसर पर संकीर्तन और भंडारे का आयोजन किया गया। आयोजक पं.रामकिकर शुक्ल गोपाल बाबा ने बताया कि मान्यता है कि भगवान भैरव की उत्पत्ति भगवान शिव के अंश के रूप में हुई। भगवान काल भैरव भय, संकट आदि से हमारी रक्षा करते हैं। विष्णु भगवान शुक्ल उर्फ सुरेंद्र शुक्ल, मारूत नंदन शुक्ल, स्वधा, इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक इं. समीरसुअन प्रसाद शुक्ल, क्षमा शुक्ला, प्रभंजन सुअन प्रसाद शुक्ल मौजूद रहे। जन्मोत्सव कार्यक्रम में शहर समेत जिलेभर के तमाम श्रद्धालु पहुंचे।

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