बस्ती : टोल कंपनी के लिए स्टांप शुल्क न जमा करना महंगा पड़ गया है। अयोध्या गोरखपुर एसएमएस टोल प्राइवेट लिमिटेड इंडिया का सदर तहसील के मड़वानगर में स्थित टोल कार्यालय का आधा हिस्सा बुधवार को सील कर दिया गया। इस कंपनी पर 43 करोड़ स्टांप शुल्क और लगभग 21 करोड़ का ब्याज बकाया है। डीएम के निर्देश तहसील प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। एसबीआइ पुरानी बस्ती में कंपनी के संचालित दो खाते भी सीज कर दिए गए हैं। यह खाते डीएम की अभिरक्षा में हो गए हैं।

स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने टोल कंपनी द्वारा 43 करोड़ रुपये स्टांप शुल्क चोरी किए जाने का मामला पकड़ा था। जमा न करने पर संबंधित कंपनी को जिला प्रशासन ने आरसी जारी कर दी। कंपनी पर ब्याज सहित कुल 61 करोड़ रुपये की देनदारी है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल एवं तहसीलदार पवन जायसवाल मय टीम टोल प्लाजा पहुंचे।

कार्यालय के कैश रूम समेत आधे हिस्से में तालाबंदी कर तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। कंपनी को अंतिम दो दिन का और समय दिया गया है। राजस्व जमा न करने पर कार्यालय का शेष हिस्सा भी सील करने की चेतावनी दी गई है। टोल से वसूला जाने वाला धन कंपनी द्वारा एसबीआइ पुरानी बस्ती में संचालित दो खातों में जमा होता है।

प्रशासन ने इन खाते को भी सीज करा दिया है। यह खाते अब डीएम की कस्टडी में होंगे। इस कार्रवाई से टोल कंपनी के स्टाफ में हड़कंप मच गया है। टीम के सामने कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। एसडीएम ने बताया कि कंपनी पर 43 करोड़ स्टांप शुल्क और 21 करोड़ रुपये ब्याज का बकाया है।

Posted By: Jagran

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