जागरण संवाददाता, रुधौली, बस्ती : बजाज सुगर मिल अठदमा में अब चीनी की जगह एथेनाल बनाया जाएगा। प्रतिदिन एक लाख 60 हजार लीटर एथेनाल बनाए जाने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एथेनाल की बिक्री से अधिक लाभ होगा और किसानों के बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान में समस्या भी नहीं आएगी। इसी सोच के साथ मिल प्रबंधन इस दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

2007-08 में रुधौली के अठदमा में बजाज ग्रुप की ओर से चीनी मिल की स्थापना के साथ ही डिस्टलरी प्लांट भी लगाया गया था। 7000 टीसीडी (टन क्रसिग डे) गन्ना पेराई की क्षमता वाले इस मिल में चीनी तो डिस्टलरी प्लांट में शीरे से एथेनाल बनाया जाता था। हाल के वर्षों में चीनी मिल पर गन्ना किसानों की बड़ी रकम बकाया हो गई। पिछले सत्र में बकाया गन्ना मूल्य 94 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि मिल प्रशासन ने लगातार भुगतान कर बकाया 34 करोड़ रुपये तक सीमित कर दिया है। लगातार शासन और जिला प्रशासन की ओर से मिल को बकाया भुगतान के लिए अल्टीमेटम दिया जाता रहा। ऐसे में मिल प्रबंधन परेशान हो गया और चीनी उत्पादन की बजाय एथेनाल बनाने का निर्णय लिया। गुरुवार को मिल में वर्ष पेराई सत्र 2021-22 के शुरू होते ही एथेनाल बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।

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प्रतिदिन एक लाख 60 हजार लीटर तैयार होगा एथेनाल

मिल के यूनिट हेड मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कुल 200 करोड़ की लागत से स्थापित एथेनाल प्लांट में प्रत्येक दिन एक लाख 60 हजार लीटर एथेनाल का उत्पादन होगा। यह 62 रुपये प्रतिलीटर बेचा जाएगा। इससे मिल को अधिक फायदा होगा और बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान भी समय से हो सकेगा। बताया कि वर्तमान में मिल क्षेत्र में गन्ना क्षेत्रफल 8500 हेक्टेयर है।

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मिल की ओर से पहले की तरह गन्ने की खरीद होगी। बस मिल में गन्ने की पेराई के बाद शीरा से चीनी की जगह सीधे एथेनाल बनाया जाएगा। बजाज ग्रुप की कुछ अन्य चीनी मिलें भी अठदमा मिल को शीरा की सप्लाई करेंगी। एथेनाल की बिक्री तुरंत होती है, ऐसे में किसानों के गन्ना मूल्य का त्वरित भुगतान भी हो सकेगा।

मंजू सिंह, जिला गन्ना अधिकारी बस्ती

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क्षेत्रीय विधायक ने एथेनाल प्लांट का किया निरीक्षण

एथेनाल प्लांट का गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने जिला गन्ना अधिकारी मंजू सिंह व मिल अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। विधायक ने कहा कि अठदमा मिल पर चीनी की बजाय एथेनाल बनाने की सुविधा मुहैया कर किसानों को गन्ना मूल्य का समय से भुगतान करने की योजना बनाई है। इससे किसानों को लाभ होगा और उन्हें समय से गन्ना मूल्य मिल जाएगा। इतना ही नहीं गन्ने का क्षेत्रफल भी बढ़ेगा।

Edited By: Jagran