बस्ती: तहसील मुख्यालय पर दीपक तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। यहां 28 साल बीत जाने के बाद भी बिजली नहीं पहुंची है। यह सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लगता है। लेकिन यह हकीकत है। भानपुर तहसील की स्थापना वर्ष 1989 में हुई थी। वर्ष 2005 में तहसील भवन का लोकार्पण भी हो गया। विभाग द्वारा तहसील के अंदर तो बिजली पहुंचा दी गई है। लेकिन स्थानीय व्यवसायियों के बार-बार अनुरोध के बाद भी जिम्मेदारों ने तहसील सटे दुकानों तक बिजली पहुंचाने के लिए आज तक पोल व तार की व्यवस्था नहीं की। बिजली रहने के बाद भी यहां के दुकानदार जनरेटर का सहारा लेने हैं। सूरज गुप्ता, सुभाष चन्द्र शुक्ल, राम सुरेश, ¨टकू, दुर्गेश चंद्र, सचिन पांडेय, गुलाब चंद्र यादव, राजू प्रसाद, फूल चन्द्र आदि दुकानदारों का कहना है कि उप केंद्र से महज 300 मीटर दूर होने के बाद भी उन्हें बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। अभी तक यहां पर न तो पोल गाड़ा गया है न तार खींचा गया है। व्यवसायियों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट-उपजिलाधिकारी को पत्र सौंपकर तहसील के सामने अभी तक विद्युतीकरण न कराए जाने की शिकायत की है। व्यवसायियों का कहना है कि इससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। उनके द्वारा तहसील के ठीक सामने विद्युतीकरण कराए जाने व बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने एसडीओ विद्युत को विद्युतीकरण कराने के लिए दस दिन के अंदर विभाग को इस्टीमेट भेजे जाने का निर्देश दिया है।

Posted By: Jagran