बस्ती : जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) में तैनात कर्मचारियों ने बुधवार को मानदेय भुगतान में हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। भूखे रहकर ड्यूटी कर विरोध जताया। कर्मियों ने कहा कि 8 माह से मानदेय नहीं दिया जा रहा है, इसके अलावा मानदेय से 18 फीसद जीएसटी भी काटा जा रहा है।

जिला अस्पताल में सुबह 10 बजे से कर्मचारियों ने भूख हड़ताल शुरू की। कर्मियों ने कहा कि जितने मानदेय पर ज्वाइ¨नग हुई थी, उतना मानदेय नहीं दिया जा रहा। ओपेक चिकित्सालय कैली और जिला अस्पताल में पीआइसीयू संचालित है। चार-चार आपरेटर व एक-एक तकनीशियन तैनात हैं। पहले 13 हजार रुपये मानदेय देने को कहा गया, काट कर 6300 रुपये दिए गए। कहा गया कि ईपीएफ की कटौती की जा रही, पर जब ईपीएफ देने की बारी आई तो कटौती दर्शाया ही नहीं गया। अब इधर 10 हजार मानदेय कर दिया गया, जिसमें 18 फीसद जीएसटी काटा जा रहा है। इसके अलावा 9 जनपदों के 10 पीआइसीयू में तैनात कर्मियों को अलग-अलग मानदेय दिया जा रहा। कर्मियों ने कहा कि गुरुवार को 12 बजे तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला और प्रशासन ध्यान नहीं दिया तो 25 दिन का एक अल्टीमेटम दिया जाएगा। इस दरमियान कभी भी काम ठप कर दिया जाएगा। इस दौरान शिव प्रताप यादव, प्रदीप यादव, अजय गुप्ता, निरंकर मणि त्रिपाठी, मन्नू प्रसाद, शैलेंद्र, रवि, प्रभूनाथ चौधरी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran