बस्ती : जिले में चुनाव के समय चिकित्सा व्यवस्था और चरमरा सकती है। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और ओपेक चिकित्सालय कैली समेत जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर तैनात फार्मासिस्टों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। इनके ड्यूटी करने जाने पर सरकारी अस्पतालों में चार दिन दवा वितरण का कार्य ठप रह सकता है।

12 मई को जिले में मतदान होगा। चुनाव आयोग के निर्देश पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। हालांकि आयोग ने यह निर्देश दिया है कि चुनाव में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों खासकर फार्मासिस्टों को दूर रखा जाए ताकि चिकित्सा सेवाएं ठप न हों और मरीजों को सुविधाएं मिलती रहें। जबकि जिले में तैनात फार्मासिस्टों की ड्यूटी लगा दी गई है। बताया जा रहा कि लगातार प्रशिक्षण से दवा वितरण कार्य प्रभावित है। अब फार्मासिस्ट संघ ने आयोग के पत्र का हवाला देते हुए चुनाव ड्यूटी में लगे फार्मासिस्टों को मुक्त करने का अनुरोध किया है। संघ ने कहा फार्मासिस्ट के पास दवा स्टोर की चाबी रहती है, काउंटरपर भी वही दवा वितरित करते हैं। उनके न रहने पर कार्य प्रभावित होगा। अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डा. रंगजी द्विवेदी ने बताया कि आयोग को पत्र भेजकर कहा गया है कि चुनाव ड्यूटी में फार्मासिस्ट को न लगाया जाए।

Posted By: Jagran

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