बस्ती : ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए भले ही सरकार प्रतिबद्ध हो लेकिन अफसरों पर इसका असर नहीं है। अधिकारियों की ढिलाई से सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। लापरवाही का अलम यह है कि तीन वर्ष में हर्रैया में सौ बेड का महिला अस्पताल तैयार नहीं हो पाया है।

30.46 करोड़ की लागत से हर्रैया में सौ बेड का महिला अस्पताल बनना है। 19.50 करोड़ रुपये प्राप्त भी हो गए हैं। कार्य सीएनडीएस को सौंपा गया। बताया जा रहा है कि भवन पूर्ण होने के बाद चिकित्सा उपकरण की खरीदारी होगी। अभी 75 फीसद भवन का निर्माण का दावा किया जा रहा है। धन उपलब्ध होने के बावजूद भवन का निर्माण अधूरा है। अस्पताल न बन पाने से लोगों की उम्मीदों को भी धक्का लगा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके गुप्ता ने बताया कि हर्रैया में महिला अस्पताल बनाया जा रहा है। यह नई योजना में है। अस्पताल का कार्य जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है। अस्पताल बन जाने के बाद सीएचसी पर दबाव कम हो जाएगा।

Posted By: Jagran

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