जागरण संवाददाता, बस्ती : स्वच्छ बस्ती-सुंदर बस्ती का स्लोगन कैसे चरितार्थ हो जब शहर के प्रमुख स्थल बदरंग पड़े है। नगर पालिका के पास अभी प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों को संवारने की कोई योजना नहीं है। केवल सफाई कर्मियों के भरोसे झाडू लगाने और कूड़ा ढोने के लिए वाहनों को दौड़ाने तक ही स्वच्छता अभियान सीमित है। रंगरोगन के अभाव में प्रमुख चौराहे चमक नहीं बिखेर पा रहे हैं।

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सुभाष तिराहे का फौव्वारा खराब

शहर के प्रमुख मार्ग मालवीय रोड की पहचान गांधी कला भवन तिराहे से शुरू हो जाती है। दो दशक पहले यहां का कायाकल्प हुआ। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के साथ फौव्वारा की स्थापना हुई। शाम ढलते ही रंग-बिरंगी रोशनी के बीच पानी का फौव्वारा मनोरम छटा संजोए रहता था। लेकिन यांत्रिक खराबी के चलते फौव्वारा खराब हो गया। लंबे दिनों से रंगरोगन भी नहीं हुआ है। कचहरी चौराहा पर स्थित लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा स्थल का भी यहीं हाल है। पार्क में सुंदर हरियाली और फुलवारी अभी तक सृजित हो पाई। सिविल लाइन स्थित महाराणा प्रताप प्रतिमा स्थल, कटरा स्थित संत गाडगे प्रतिमा स्थल को भी वीरान छोड़ दिया गया है।

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भगत सिंह पार्क के चारों तरफ अतिक्रमण

भगत सिंह पार्क के चारों तरफ अतिक्रमण है। अमर शहीद की आदमकद प्रतिमा नजदीक पहुंचने के बाद ही दिखाई पड़ती है। रंगरोगन एवं साज-सज्जा का यहां भी पूरा अभाव है। सदर अस्पताल चौराहा, रेलवे स्टेशन चौराहा, दक्षिण दरवाजा, पांडेय बाजार जैसे प्रमुख स्थल का अभी विकास ही नहीं हुआ है।

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पूरी कोशिश है कि महापुरुषों के प्रतिमा स्थल एवं प्रमुख चौराहों को बेहतर ढंग से विकसित किया जाए। इसके लिए वृहद कार्ययोजना तैयार की जाएगी। वैसे गणतंत्र दिवस पर साज-सज्जा की तैयारी शुरू कर दी गई है।

रूपम मिश्रा, नपाध्यक्ष

Posted By: Jagran

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