बस्ती में थानाध्यक्ष सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, हनीट्रेप का शिकार बनाकर की थी 1 करोड़ की डिमांड; 3 आरोपी गिरफ्तार
वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या का खुलासा हनीट्रैप के रूप में हुआ है। पुलिस ने महिला, उसके पिता और एक वकील सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह हनीट्रैप के शिकार हुए थे।
गिरोह ने वीडियो बनाकर एक करोड़ रुपये मांगे थे।
महिला, पिता और वकील समेत तीन आरोपी गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, बस्ती। पुलिस महकमे को झकझोर कर रख देने वाले वाल्टरगंज थाने के थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है। वह एक सुनियोजित हनीट्रैप के शिकार हुए थे।
इस मामले में मृतक थानाध्यक्ष के बेटे संदीप सिंह की तहरीर पर पुलिस ने महिला प्रियंका चौधरी उसके पिता रामनयन चौधरी निवासी ग्राम गंधार थाना वाल्टरगंज तथा अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव निवासी पिपरा काजी थाना पैकोलिया, बस्ती के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें रविवार को अस्पताल चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक बोलेरो गाड़ी व तीन मोबाइल बरामद किया गया है। अधिवक्ता विजय प्रकाश गिरोह को कानूनी संरक्षण देते थे।
पुलिस लाइन के सभागार में पुलिस उप महा निरीक्षक संजीव त्यागी व पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के घटना के पर्दाफाश की जानकारी देते हुए बताया कि 29 अगस्त को वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने बस्ती स्थित अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
इसकी छानबीन कराई गई तो यह तथ्य सामने आया कि पिता-पुत्री और एक वकील का एक गैंग है जो हनीट्रैप के कार्यो में लगा हुआ था। थानाध्यक्ष वाल्टरगंज से महिला ने एक बार संबंध बनाया और फिर उनकी वीडियो बना ली। वाटसएप के माध्यम से दिखाया कि वह परेशान होकर आत्महत्या कर ले रही है। इससे घबरा कर आत्म ग्लानि में उन्होंने ने फंसरी लगाकर जान दे दी। जब इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ तो पता चला कि ऐसे कई मामलों में यह शामिल है।
पुलिस के अनुसार 29 अगस्त को जब थानाध्यक्ष ने आत्महत्या कर लिया, उससे पहले दोपहर में अधिवक्ता विजय प्रकाश ने एसओ से बात भी की है। उसमें पूरी बात निकलकर आई है कि थानाध्यक्ष से एक करोड़ रुपये वसूलने का प्रयास किया जा रहा था।
इसी तरह मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी एक बिजनेसमैन से इन लोगों ने उन्हें हनी ट्रैप में फंसा कर एक करोड़ की डिमांड की थी। महिला द्वारा हाथ की नस काटकर थानाध्यक्ष को ब्लैकमेल किया जा रहा था। जिस मकान में पिता-पुत्री रह रहे थे, मकान मालिक और अपने चालक को भी इसी प्रकार फंसाया था।
डीआईजी ने बताया कि इस तरह के मामले से जो भी संपत्ति इन लोगों ने अर्जित की है उसे बीएनएस की धारा 107 के तहत जब्त किया जाएगा। महिला अपने पति से 10 वर्ष से अलग रह रही थी। यह स्पा सेंटर व ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। अब यह कुछ समय से हनी ट्रैप में संलिप्त थी। गिरफ्तार अधिवक्ता विजय प्रकाश गिरोह को कानूनी संरक्षण देते थे।
