जागरण संवाददाता, टिनिच, बस्ती: भानपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत अजगैवा जंगल की 1400 बीघे सरकारी भूमि को फिर से ग्राम पंचायत के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आने के बाद जिला व तहसील स्तरीय अधिकारियों ने कार्यवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले में धारा 38 के तहत 2 सौ 50 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें खतौनी में दर्ज भूमि से जुड़े कागजात व अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। नोटिस जारी होने के बाद पट्टाधारकों में हड़कंप मच गया है। पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराने पर पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

अजगैवा जंगल की प्रधान मधुबाला चौधरी ने शिकायत दर्ज कराया कि ग्राम पंचायत की 1400 बीघे से सरकारी भूमि बड़ी संख्या में अपात्रों के नाम से खतौनी में दर्ज कर दी गई है। प्रशासन व राजस्वकर्मियों की मदत से लोगों ने फर्जी पट्टा करा खतौनी में अपना नाम दर्ज करवा लिया था। इसमें एक राजस्वकर्मी और कई सफेदपोश भी शामिल है। दूसरे ग्राम पंचायत और तहसील के लोगों के नाम भी सैकड़ों भी भूमि दर्ज कर दी गई है। वर्ष 2008 में तत्कालीन डीएम रोशन जैकब ने पूरे मामले की जांच करवाने के बाद रिपोर्ट के आधार पर पट्टा खारिज करने के साथ संबधित लोगों पर एफआइआर दर्ज करवाने का निर्देश दिया था। ए़फआइआर तो दर्ज हुआ लेकिन पट्टा निरस्तीकरण की कार्यवाही तहसील स्तरीय अधिकारियों और राजस्वकर्मियों की मिलीभगत के चलते पूरी नही हो पाई है। लेकिन वर्तमान प्रधान जिस तरह से पूरे प्रकरण में लगातार प्रयास कर रही है उससे तमाम पात्र ग्रामीणों में आस जगी है कि फर्जी पट्टा निरस्तीकरण होने के बाद उन्हें भी सरकारी भूमि पर पट्टा मिल सकेगा। अजगैवा जंगल प्रकरण की जांच लगातार चल रही है। ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि पर जिन लोगों का नाम दर्ज है उनसे जुड़े 2 सौ 50 लोगों को धारा 38 के तहत नोटिस जारी की गई है। संबंधित लोगों को भूमि से जुड़े कागजात और साक्ष्य के साथ प्रस्तुत होने का निर्देश दिया गया। साक्ष्य के आधार आगे की कार्यवाही की जाएगी। गिरीश कुमार झा, एसडीएम, भानपुर

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