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यूपी में बारिश से मंडराया बाढ़ का खतरा, खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर पहुंचा सरयू का जलस्तर

Published: Mon, 28 Sep 2026 05:12 PM (IST)

बस्ती जिले में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर पहुंचा सरयू का जलस्तर।

खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर पहुंचा सरयू का जलस्तर।

HighLights

  1. सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर।

  2. चक्रवातीय वर्षा और बैराजों से पानी छोड़ने से वृद्धि।

  3. तटीय गांवों और फसलों को बाढ़ से नुकसान का खतरा।

संवाद सूत्र, विक्रमजोत (बस्ती)। सरयू नदी के जगातार बढ़ रहे जलस्तर ने तटीय इलाकों में रह रहे लोगों की चिंता बढ़ा दी है।चक्रवातीय वर्षा व बैराजों से छोड़े गए पानी का असर अब नदी में साफ दिखाई देने लगा है। बीते तीन दिनों में जलस्तर तेजी से बढ़कर सीजन में तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर गया है।

केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने सोमवार की शायं तीन बजे नदी का जलस्तर 92.850 मीटर रिकार्ड किया, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 12 सेंटीमीटर ऊपर और चेतावनी स्तर से 1.14 मीटर अधिक रहा। जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी आबादी की तरफ बढ़ने लगा है।

विक्रमजोत क्षेत्र में बीडी तटबंध के दुधौरा और काशीपुर गांव के पास नदी तटबंध से सटकर दबाव बना रही है। इससे तटबंध की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ खण्ड कर्मी लगातार तटबंध की मरम्मत में जुटे हुए हैं।

दूसरी ओर कन्हईपुर, खेमराजपुर, शंभूपुर, संग्रामपुर, बेतावा, लकड़ी दूबे, लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम और पकड़ी सूर्यवंश समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

ग्रामीणों के मुताबिक इस सीजन में गांवों के आसपास तीसरी बार बाढ़ का पानी पहुंचा है। लगातार जलभराव से जमीन दलदली हो गई है। इसके बाद नदी जिस तरह कटान कर रही है, उससे खेत और आबादी दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि नदी धीरे-धीरे अपना रास्ता बदल रही है और कई स्थानों पर खेतों को काटकर नए प्रवाह क्षेत्र का निर्माण कर रही है।तेज नरायन, बब्लू, रामबरन, विजय बहादुर और श्यामकला ने बताया कि एक तरफ बाढ़ का पानी व कटान वहीं दूसरी तरफ चक्रवातीय बारिश से हुए नुकसान ने ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ा दी है।

तटबंध के नदी की ओर फंसी आबादी के सामने सबसे बड़ा खतरा घर और खेती की जमीन बचाने का है। एसडीओ बाढ़ खण्ड बृजेश सोनी ने बताया कि तटबंध पर कमजोर व संवेदनशील जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गयी है। दुधौरा के पास मरम्मत कार्य तेज कर दिया गया है। नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जिसको देखते हुए बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड पर रखी गयी हैं ।