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बस्ती के बनकटी में बखरिया फीडर का निर्माण अधूरा, बेहतर बिजली के लिए नया प्रस्ताव

Published: Mon, 14 Sep 2026 06:06 PM (IST)

बस्ती के बनकटी में बखरिया फीडर का निर्माण अधूरा रह गया है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर बिजली आपूर्ति का सपना पूरा नहीं हो सका।

फैलवा गांव के पास निकली बखरिया फीडर की लाइन व महादेवा फीडर की लाइन पर लटका तार। जागरण

फैलवा गांव के पास निकली बखरिया फीडर की लाइन व महादेवा फीडर की लाइन पर लटका तार। जागरण

HighLights

  1. बस्ती के बनकटी में बखरिया फीडर का निर्माण अधूरा रह गया।

  2. 90 पोल लगने के बाद भी लाइन बखरिया गांव तक नहीं पहुंची।

  3. अधूरी लाइन पूरी करने को दो किमी विस्तार का प्रस्ताव बनेगा।

जागरण संवाददाता, बस्ती। 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बनकटी में बन रहा बखरिया फीडर निर्माण से भटक गया। 90 पोल लगाने के बाद भी आखिरी छोर तक लाइन नहीं पहुंच सकी है। अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए एक बार फिर से प्रस्ताव भेजने की तैयारी है। ग्रामीणों को नए फीडर से बेहतर आपूर्ति मिलने का सपना अधूरा रह गया है।

दो वर्ष पूर्व विद्युत उपकेंद्र में बखरिया फीडर के नाम से एक स्वतंत्र लाइन के निर्माण का कार्य शुरू कराया गया। इस लाइन को विभिन्न गांवों को जोड़ने वाली महादेवा लाइन की अधिभारिता को कम करने के लिए विभाग ने कार्य शुरू कराया।

इस लाइन पर 50 से ज्यादा गांव तथा कस्बे जुड़े हैं, जिससे लो वोल्टेज, लोकल फाल्ट, ब्रेकडाउन की समस्या बनी रहती है। इस समस्या को दूर करने के लिए नई बखरिया लाइन का निर्माण शुरू कराया गया।

दो बार टेंडर प्रक्रिया पूरी

दूसरी तरफ विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस लाइन को बनाने के लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू कराया गया। ठेकेदारों व विभागीय मिलीभगत के चलते बखरिया तक पूर्ण लाइन दोनों बार नहीं बन सकी। इस लाइन के बन जाने से 40 से ज्यादा गांवों को बेहतर आपूर्ति मिलेगी।

इस संबंध में अवर अभियंता अवनीश गुप्ता ने बताया कि कथरूआ गांव के आसपास तक बखरिया फीडर से लाइन दी जा रही है। बखरिया तक लाइन पहुंचाने के लिए दो किमी लाइन विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

इस समय कार्य भी नहीं हो सकता है, क्योंकि खेत के रास्ते लाइन ले जाना है, जो कि वर्षा के मौसम में संभव नहीं है। उपखंड अधिकारी बनकटी सुधीर कुमार ने बताया कि इस लाइन पर 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

जिस गांव के नाम से फीडर बना, उस गांव तक ही लाइन नहीं पहुंची है, इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है। विभाग बेहतर आपूर्ति का दावा करता है, लेकिन लोकल फाल्ट, ब्रेकडाउन आदि की समस्या बनी रहती है।

-घनश्याम चौधरी, भाकियू ब्लाक अध्यक्ष

 

अनुपाखोर गांव में महादेवा फीडर से आपूर्ति दी जा रही है। उपकेंद्र से फीडर की दूरी अधिक होने के कारण अक्सर बिजली आपूर्ति की समस्या बनी रहती है। वोल्टेज भी सही नहीं रहता है। विद्युत उपकरण चल नहीं पाता है।

-सूरज चौधरी, पूर्व प्रधान अनुपाखोर

 

कथरूआ गांव नगर पंचायत बनकटी के राजेन्द्र प्रसाद नगर वार्ड में आता है। नगर पंचायत बने 10 वर्ष हो गए, लेकिन अभी भी ग्रामीण आपूर्ति दी जा रही है। शहरी आपूर्ति के लिए कई बार अवर अभियंता को लिखित पत्र दिया गया है।

-राहुल गौड़, कथरूआ