बस्ती: जनहित की योजनाओं की पहली शर्त यह है कि उसमें समाज के अंतिम व्यक्ति को पहले लाभ दिया जाए। जिससे उनके जीवन की दिशा और दशा बदला सके। लेकिन गौर विकास खंड के इटहिया ग्राम पंचायत की 70 वर्षीय बुजुर्ग गुलाबा देवी सरकार के इस प्रारूप में खुद को फिट नहीं कर पा रही हैं। योजना के पात्रों के लिए जो मानक सरकार ने बनाया है उसके मुताबिक वह लाभ पाने हकदार तो हैं लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते दो जून की रोटी के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाने को विवश हैं। ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को भले ही गुलाबा की पीड़ा समझ में न आई हो लेकिन गांव के लोग उन्हें सहारा देने कतई पीछे नहीं हैं। यह वजह है कि वह आज भी ¨जदा हैं। राशन कार्ड, विधवा पेंशन, वृ़द्धा पेंशन किसी भी योजना का लाभ उन्हें नही मिल रहा है। गुलाबा देवी के पति राम दुलारे की डेढ़ वर्ष पहले मौत हो गई। गुलाबा के अनुसार उनके पति के पास कुछ जमीन थी जिसे गांव के कुछ लोगों ने बहला फुसला कर बैनामा करा लिया। छह बच्चे हुए जिसमें से पांच की मौत हो चुकी है। एक बेटी ससुराल में है। किसी ने मदद कर दी तो खाना मिल जाता है नहीं तो बिना खाए ही सो जाती हूं। गुलसबस ने कहा बचवा, सरकार तमाम कुल योजना हमरे जइसन के लिए बनाए है, लेकिन हमय तय आज तक कुछू नाही मिला। जब प्रधान से मिलय जाइ लय तो कहिअय परेशान न होई जाइ। यह पीड़ा है उस बुजुर्ग की है, जिसके पास सरकारी योजनाओं के सहारे जीवनयापन के अलावा कोई ठोस विकल्प नहीं है। ग्राम प्रधान राम नरेश तिवारी का कहना है कि यह बात सही है कि गुलाबा देवी को राशन कार्ड, पेंशन आदि योजना का लाभ अभी तक नही मिल पाया है। प्रक्रिया पूरी कराकर जल्द उसे लाभ दिलाया जाएगा। दूसरी तरफ प्रभारी खंड विकास अधिकारी हरिश्चंद्र ¨सह कहते हैं कि पात्र होने के बाद भी यदि गुलाबा देवी को योजना का लाभ नही मिला तो यह ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की घोर लापरवाही है। इसकी पूरी जांच होगी, यदि ऐसा हुआ तो संबंधित कि खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुलाबा देवी को सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

By Jagran