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'हिंदी साहित्य का इतिहास' लिखने वाले आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती, पैतृक गांव में दी गई श्रद्धांजलि

Published: Sat, 24 Oct 2026 06:23 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 24 Oct 2026 06:29 PM (GMT+05:30)

बस्ती के अगौना गांव में आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती मनाई गई, जिसमें अतिथियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।

अगौना गांव में आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती मनाई गई

अगौना गांव में आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती मनाई गई

HighLights

  1. आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती अगौना, बस्ती में मनाई गई।

  2. महेश शुक्ल सहित गणमान्य लोगों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

  3. छात्रों को सम्मानित किया गया, सांस्कृतिक कार्यक्रम और काव्य पाठ हुए।

संवाद सूत्र, कलवारी (बस्ती)। हिंदी साहित्य के समालोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142वीं जयंती शनिवार को बहादुरपुर विकासखंड के उनके पैतृक गांव अगौना स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ल बालिका इंटर कॉलेज में मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य अतिथि गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल ने आचार्य शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इसके बाद मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिंदी साहित्य के गौरव थे। अगौना की धरती पर जन्मे शुक्ल ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उनकी कृतियां युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें अपनी मिट्टी, संस्कृति और साहित्यिक विरासत को जानना चाहिए। कार्यक्रम को पूर्व विधायक अंबिका सिंह और रोली सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर हाईस्कूल में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली छात्रा महिमा तथा इंटरमीडिएट की छात्राओं मनिका और महिमा को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, संगीत पर आधारित नृत्य, दहेज प्रथा पर नाटक और कव्वाली प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। जयंती समारोह में कवि डा. विनोद उपाध्याय ने बस्ती मंडल की गाथा सुनाकर तालियां बटोरीं। कवि दीपक सिंह प्रेमी, अफजल हुसैन अफजल, जगदंबा प्रसाद भावुक और तेज प्रकाश शुक्ला ने काव्य पाठ किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. रामनरेश सिंह मंजुल ने की तथा संचालन डा. रामकृष्ण लाल जगमग ने किया। विद्यालय प्रबंधक डा. कृष्ण प्रसाद ने अतिथियों का स्वागत किया और आभार व्यक्त किया। समारोह में विद्यालय की प्रधानाचार्या नंदिनी पांडेय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।