बस्ती: कोरोना वायरस के आतंक के बीच दिल्ली,आगरा,गुजरात,मुंबई सहित अन्य शहरों से चार दिन में बस्ती रेलवे स्टेशन पर इक्कीस हजार पांच सौ की संख्या में लोग पहुंचे। इसमें बारह हजार यात्री केवल बस्ती जिले के हैं। इनके घरों पर पहुंचने के बाद गांवों की आबोहवा बिगड़ गई है। बाहरी के गांव में पहुंचते ही पूरा गांव सशंकित हो उठा है। हालांकि इन सभी को एहतियात बरतने के साथ बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं।

कोरोना वायरस के खतरों से परेशान मंडल के बस्ती,सिद्धार्थनगर और संतकबीर नगर जिलों में रोजी रोटी के लिए देश और विदेश में गए लोग तेजी से वतन और घर लौटने लगे। जनता क‌र्फ्यू के दिन भी बाहरी शहरों से लोग ट्रेनों से बस्ती रेलवे स्टेशन पर आए। थर्मल स्क्रीनिग के बाद ही बीते तीन दिन में यहां पहुंचे यात्रियों को बाहर जाने दिया गया। इससे पहले तमाम यात्री बिना जांच के ही घरों में चले गए। इसके अलावा बीच के स्टेशनों पर तमाम लोग उतर गए।

बाहरियों के बारे में नियंत्रण कक्ष में सूचनाएं देने को कहा गया। यह काफी हद तक कारगर साबित हो रहा है। इसके अलावा गांवों में बाहरियों की सूचना देने के लिए प्रधान,आंगनबाड़ी,एएनएम और आशा को जिम्मेदार बनाया गया है।

मंडल के तीनों जिलों में कोरोना से बचाव को पांच हजार बाहरी क्वारंटाइन किए जा चुके हैं। सिद्धार्थनगर जिले के गांवों में 4500 बाहरी पहुंचे। इनमें से 1100 को सोमवार की शाम तक चिह्नित कर घर में ही क्वारंटाइन कर दिया गया है। इसी तरह संतकबीरनगर में पांच हजार बाहरी पहुंचे। इनमें से 1500 की पहचान कर ली गई है। बस्ती जिले में भी अब तक 2400 को चिह्नित कर क्वारंटाइन किया जा चुका है। इनकी पहचान को घर के बाहर पोस्टर लगाने के साथ ही चिह्नित व्यक्ति की अंगुली पर अमिट स्याही लगाई जा रही है। चिन्हित व्यक्ति से परिवार के सदस्यों को दूरी बनाकर रहने को कहा गया है। वह बाहर न निकलने पाए,इसके लिए निगरानी तंत्र मजबूत कर दिया गया है। ऐसे लोगों की प्रतिदिन जिलों में जिलाधिकारी समीक्षा करेंगे। नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से लेकर जेल भेजने तक के निर्देश दिए गए हैं। खुद को सुरक्षित करने के लिए घर में अकेले रहे बाहरी

मंडलायुक्त अनिल कुमार सागर ने बताया कोरोना वायरस एक बड़ी चुनौती है। इसका फैलाव रोकने के लिए लाकडाउन किया गया है। इसका उल्लंघन करने की किसी को छूट नहीं है। मेडिकल,दूध,सब्जी और किराना की दुकानें खुलेंगी वह भी समय से। बाहरी जिन लोगों को चिन्हित कर क्वारंटाइन किया गया है। वह 14 दिन तक तन्हाई में ही रहें। ऐसा कर वह व्यवस्था में सहयोग करें। यह उनके ही नहीं परिवार और गांव की भलाई के लिए किया गया है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस