बस्ती में टेढ़ी नदी के पीपा पुल में फंसकर 14 भैंस की मौत, सात शव बरामद
बस्ती में टेढ़ी नदी पर बने पीपा पुल के पीपों में फंसकर 14 भैंसों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों में हड़कंप मच गया।

टेढ़ी नदी के पीपा पुल में फंसकर 14 भैंस की मौत।
HighLights
टेढ़ी नदी के पीपा पुल में फंसी 14 भैंसों की मौत।
पशुपालकों में हड़कंप, शव निकालने में आ रही दिक्कत।
प्रशासन से पीपा पुल हटाने और शव निकालने की मांग।
संवाद सूत्र, विक्रमजोत (बस्ती)। सरयू नदी की सहायक टेढ़ी नदी पर बने पीपा पुल के पीपों में फंसकर 14 भैंस की जान चली गई। सोमवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर पशुपालकों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नदी के पानी से मृत भैंसों के शव निकालने का प्रयास किया।
हालांकि तेज बहाव व पीपा पुल की संरचना के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीपा पुल हटवाकर शवों को बाहर निकलवाने का अनुरोध किया है।
घटना छावनी क्षेत्र के छतौना के निकट स्थित पीपा पुल की है। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को विक्रमजोत और चांदपुर गांव के करीब एक दर्जन पशुपालकों की भैंस रोज की तरह टेढ़ी नदी की धारा पार कर माझा क्षेत्र में चरने गई थीं। शाम को कुछ भैंस के वापस नहीं लौटने पर पशुपालकों ने खोजबीन शुरू की।
देर रात विक्रमजोत निवासी संतू सिंह पुत्र अमला सिंह की तीन भैंस भौंसिया नहर हेड के पास कीचड़ में फंसी मिलीं। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। सोमवार सुबह ग्रामीणों को छतौना गांव के सामने अंत्येष्टि स्थल के पास बने पीपा पुल के पीपों में बड़ी संख्या में भैंसों के फंसे होने की जानकारी मिली। ग्राम प्रधान अमरेश सिंह बब्लू ने छावनी पुलिस और एसडीएम हर्रैया को इसकी सूचना दी।
इसके बाद राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राममूर्ति वर्मा और हल्का लेखपाल फैज अंसारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए स्टीमर से वे पशुपालकों के साथ पीपा पुल तक पहुंचे। ग्रामीणों ने शव निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन पानी में पीपों के नीचे दबे होने के कारण बाहर नहीं निकाला जा सका। पशु चिकित्साधिकारी ने पशुओं की पहचान की। कान में लगे टैग, गले में बंधी रस्सी और अन्य पहचान के आधार पर अभी तक 14 भैंस के मरने की पुष्टि हुई है।
बाढ़ में खोले गए थे पीपा पुल के पीपे
ग्रामीणों के अनुसार बीडी तटबंध से सटे छतौना गांव के अंत्येष्टि स्थल के पास प्रतिवर्ष टेढ़ी नदी पर पीपा पुल बनाया जाता है। बाढ़ के दौरान पुल के पीपों को अलग-अलग कर नदी के किनारे रस्सियों से बांध दिया गया था।
बाढ़ का पानी कम होने के बाद पुल लगाने वाले ठेकेदार द्वारा दोबारा पुल तैयार किया जाना था। इसी दौरान नदी की धारा में भैंसों के फंसने की घटना सामने आई। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पीपा पुल हटवाकर पानी में फंसे पशुओं के शव बाहर निकलवाने की मांग की है।
पीपा पुल के बीच में फंसने से भैंसों की मृत्यु हुई है। अब तक सात भैंस के शव मिल चुके हैं। इनका पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राममूर्ति वर्मा व उनकी टीम द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। अभी अन्य मृत भैंसों की तलाश जारी है। -डॉ. अरुण कुमार गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
