जेएनएन, बरेली : अब शहर के जरी-जरदोजी उत्पाद अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स साइट्स पर उपलब्ध होंगे। स्वयं सहायता समूह अपने उत्पाद के लिए कंपनी खोलेंगे। इसके लिए सरकार धनराशि मुहैया कराएगी। जरी जरदोजी को बढ़ावा देने को स्वयं सहायता समूह अपनी कंपनी बना सकेंगे। इसके लिए सरकार आर्थिक मदद करेगी।

Faishon Designing की दी जानकारी : समूह को अपनी ओर से एक लाख लगाने पड़ेगे। पांच लाख भारत सरकार और चार लाख रुपये राज्य सरकार ऋण के रूप में देगी। इसको लेकर सोमवार को विकास भवन में बैठक हुई, जिसमें स्वयं सहायता समूहों को बुलाया गया। उन्हें कंपनी बनाने व इसके लाभ के बारे में बताया गया।बैठक में फैशन डिजाइनरों ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को डिजाइनिंग की जानकारी दी।

CA ने समझाया Balance Sheet का गण‍ित : सीए ने उन्हें बैलेंस सीट के बारे में बताया। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी के जरिए कारीगर अपना माल सीधे ग्लोबल मार्केट में बेच सकेंगे। अभी कारीगरों का मुनाफा बिचौलिए खा जाते हैं। बनने के बाद कंपनी ई-कॉमर्स साइट्स पर सेलर के रूप में पंजीकृत होगी। कंपनी के सदस्यों को मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइनिंग और मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।

Zari-Zardozi Business से जुड़े 1.2 लाख लोग : जरी-जरदोजी को एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत सरकार कई रियायत दे रही हैं। जिले में एक लाख 20 हजार लोग इस उद्यम से जुड़े हुए हैं। अभी सालाना कारोबार 40 से 50 करोड़ का है लेकिन, कंपनी बनने के बाद इसके बढ़ने के आसार है। इसी के प्रयास किए जा रहे हैं।   

कारीगरों का उनके उत्पाद का मुनाफा मिले। इसके लिए प्रोड्यूसर कंपनी बनाने का निर्णय लिया गया। उसी के संबध में बैठक हुई है। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ 

 

Posted By: Ravi Mishra

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