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बरेली, जेएनएन : देश की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार देर रात दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। यह सूचना मिलते ही शहर के भाजपाइयों में भी शोक की लहर दौड़ गई। जनप्रतिनिधियों के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों ने इसे पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया।

पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बताया कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दो बार चुनाव प्रचार के लिए शहर आई। वर्ष 1998 में लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी संतोष गंगवार के समर्थन में और दूसरी बार वर्ष 2002 में विधानसभा चुनाव में तत्कालीन शहर विधानसभा से पार्टी प्रत्याशी राजेश अग्रवाल के चुनाव प्रचार के लिए शहर आईं थी।

भाजपा नेता मनोज थपलियाल ने बताया कि वर्ष 1998 में उनकी जनसभा सुभाष नगर के रामलीला मैदान हुई थी, जबकि वर्ष 2002 में बरेली कॉलेज में उन्होंने जनसभा को संबोधित किया था। जिसमें उन्हें सुनने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। इसके अलावा एक-दो बार वह पार्टी के कार्यक्रमों शहर आई।

बिथरी चैनपुर विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल ने कहा कि पूर्व विदेश मंत्री कद्दावर महिला नेता रहीं। वह ईमानदार होने के साथ अपने दायित्वों के लिए कर्मठ रहती थीं। पूरी जिंदगी पार्टी को मजबूती देने में लगी रही। कश्मीर समस्या के समाधान को भी काफी गंभीर और चिंतित रही। उनकी मृत्यु से ठीक एक दिन पहले केंद्र सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया, जिसकी बधाई उन्होंने अपनी मृत्यु से चंद घंटे पहले प्रधानमंत्री को दी।

इन्हाेंने कहा 
सुषमा स्वराज जी के निधन के बाद एम्स में ही हूं। उनसे जिस तरह आत्मीयता का रिश्ता रहा है, आकस्मिक मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं हो रहा है। समझ में नहीं आ रहा कि उनके लिए क्या कहूं। फिलहाल इतना ही कहूंगा कि मन बहुत दुखी है। - संतोष गंगवार, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से पार्टी को अपूर्णनीय क्षति हुई है। इसकी भरपाई मुश्किल होगी। - डॉ. केएम अरोरा, महानगर अध्यक्ष  

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Posted By: Abhishek Pandey

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