बरेली, जेएनएन : इज्जतनगर रेल वर्कशॉप में तैनात इंजीनियर का नाम रेलवे के दस्तावेजों में राजेश होगा या सोनिया..यह जल्द तय हो जाएगा। शहर निवासी राजेश ने लिंग परिवर्तन कराकर खुद को महिला बना लिया था। फिर अगस्त 2018 में लिंग परिवर्तन के तहत बदलाव के लिए पूवरेत्तर रेलवे मुख्यालय में फाइल भेजी थी।

काफी समय तक मशक्कत के बाद रेलवे बोर्ड ने राजेश उर्फ सोनिया की अर्जी पर सुनवाई की। इसके बाद आदेश दिया कि सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट किए जाएं। इज्जतनगर स्थित रेलवे अस्पताल में सोनिया ने मेडिकल टेस्ट कराए। इसमें वैजाइना टेस्ट, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और यूरीन टेस्ट किये गए। करीब एक सप्ताह तक हुए टेस्ट के बाद फिलहाल राजेश उर्फ सोनिया डॉक्टरों के सुपरविजन में हैं। अब रिपोर्ट तय करेगी कि रेलवे के दस्तावेजों में सोनिया नाम दर्ज होगा या राजेश ही रहेगा।

खुलकर बतानी पड़ती है बात

आधार कार्ड में नाम और लिंग परिवर्तन होने के बावजूद रेलवे के दस्तावेजों में पहचान नहीं बदली। इससे होने वाली दिक्कतों के बाबत सोनिया बताती हैं कि बतौर रेलकर्मी राजेश नाम से ही आइडी है। ट्रेन में निश्शुल्क सफर के दौरान अपनी बदली पहचान के बाबत विस्तार से बताना पड़ता है।

2014 में नालसा ने दिए थे आदेश

सोनिया बताती हैं कि वर्ष 2014 में नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (नालसा) कोर्ट ने एक मामले में केंद्र और राज्य सरकार को आदेश दिए थे। इसमें कहा था कि कोई भी व्यक्ति लिंग, धर्म परिवर्तन चुनने के लिए आजाद है। सोनिया उम्मीद जताती हैं कि रेलवे बोर्ड उनके मामले में जल्द ही नियम बनाकर न्याय देगा। 

Posted By: Abhishek Pandey

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