जेएनएन, बरेली : क्राइम ब्रांच, एंटी गुंडा, स्वाट टीम सहित पुलिस विभाग की सभी विशेष टीमें जिले में जुर्म के खात्मे व अपराधियों की धरपकड़ के लिए सक्रिय थीं। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के आदेश पर एसएसपी ने इन सभी टीमों को भंग कर दिया। जिले में विशेष ऑपरेशन समूह (एसओजी) का गठन किया गया है। खास बात, इस नई एसओजी में भी ज्यादातर पुराने चेहरे ही शामिल किए गए।

काफी वक्त से ठंडी पड़ी थीं टीमें

जिले में बीते एक साल में इन टीमों का प्रदर्शन बहुत उल्लेखनीय नहीं रहा। ज्यादातर दल ठंडे पड़े थे। एसओजी बनाने के आदेश के बाद पुलिसकर्मियों को लगा कि सालों से जमे चेहरों को हटाकर नए तेज तर्रार पुलिसकर्मियों को जगह मिलेगी।

लेकिन, भंग की गई टीमों के कई पुलिसकर्मी नई एसओजी में जगह बनाने में कामयाब रहे। इन्हें एसओजी में शामिल करना महकमे में चर्चा का विषय बना है। हालांकि, कुछ चेहरे तेजतर्रार कार्यशैली और काम के लिए पहचान रखते हैं।

आरोप लगे, ऑडियो वायरल हुए लेकिन जमे रहे : भंग की गई टीमों पर दाग भी थे। कई ऐसे चेहरे हैं जिन पर खुलकर वसूली के आरोप लगे। कई के तो ऑडियो भी वायरल हुए थे। फिर भी अपनी पकड़ के चलते अब तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, कई थानों या पुलिस लाइन में तैनात तेज तर्रार पुलिसकर्मी एसओजी में अपना नंबर आने का इंतजार करते रहे। ऐसे पुलिसकर्मियों में मायूसी है।

प्रभारी का इंतजार, दो दारोगा समेत 12 का स्टाफ : नई एसओजी में दारोगा अब्बास हैदर, गिरीश चंद्र जोशी, हेड कांस्टेबल तैय्यब अली और संदीप चीमा के साथ सिपाही पुष्पेंद्र कुमार, रवि प्रताप, संदीप कुमार, रवि शंकर, पुष्पेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार, विकास सिंह और वीरेंद्र सिंह शामिल किए गए हैं।

शासन से आए निर्देश के बाद सभी टीमें भंग कर एसओजी बनाई गई है। जो अच्छा काम करेगा वह रहेगा। जल्द ही प्रभारी तैनात किया जाएग। - शैलेश पाण्डेय, एसएसपी

Posted By: Abhishek Pandey

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