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पंचायत चुनाव: बरेली में पिछड़ा वर्ग आयोग के सामने उठी मांग-आबादी के हिसाब से मिले OBC आरक्षण

Published: Fri, 25 Sep 2026 01:00 PM (IST)

बरेली में आगामी पंचायत चुनाव में जनप्रतिनिधियों ने पिछड़ा वर्ग आयोग के सामने ओबीसी आरक्षण को आबादी के अनुपात में ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बरेली। पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को विकास भवन के सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई आयोजित की गई।

इस बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामौतार सिंह ने की। जनसुनवाई में जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विभिन्न ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी), जिला पंचायत सदस्य तथा ग्राम प्रधानों ने हिस्सा लिया और ओबीसी आरक्षण को लेकर अपनी बात रखी।

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में जिले में आबादी के अनुपात में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण सीमा बढ़ाने की पुरजोर मांग उठाई।

अधिकांश जनप्रतिनिधियों का तर्क था कि बरेली जिले में ओबीसी की आबादी काफी अधिक है, लेकिन वर्तमान में उन्हें आबादी के सही अनुपात में प्रतिनिधित्व और आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

सुनवाई के दौरान जब आयोग की ओर से वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर आरक्षण तय करने पर राय मांगी गई, तो प्रतिनिधियों ने इसका कड़ा विरोध किया।

उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के आंकड़े अब काफी पुराने पड़ चुके हैं और पिछले एक दशक में जनसांख्यिकी में बड़े बदलाव आए हैं।

जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि राज्य सरकार को वर्तमान स्थिति का नया सर्वे कराकर सटीक आंकड़े जुटाने चाहिए और इन्हीं ताज़ा आंकड़ों के आधार पर पंचायत चुनावों में सीटों का आरक्षण निर्धारित करना चाहिए।

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामौतार सिंह ने सभी की समस्याओं व आपत्तियों को ध्यानपूर्वक सुना और जनप्रतिनिधियों को अपने लिखित सुझाव जमा करने के निर्देश दिए।

इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी, जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कमल किशोर सहित प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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