बरेली, जेएनएन। Bareilly Police and Mafia Connection : जिले में चल रहे सट्टे, जुए व शराब के अलावा नशे का बड़ा अवैध कारोबार चल रहा है। खाकी से इसका गठजोड़ वह भी सामने आया है। पुलिस उप महानिरीक्षक की गोपनीय जांच के दौरान इस परत दर परत खुल रही है। इन अवैध कारोबारियों ने स्थानीय थाने से लेकर क्राइम ब्रांच तक को ने सेट किया हुआ है। सिंडिकेट में शामिल पुलिसकर्मियों की कुंडली अब डीआइजी की डायरी में तैयार हो रही है। बताया जा रहा कि सिस्टम में क्राइम ब्रांच पूरी तरह संलिप्त नजर आ रही।

डीआइजी को गोपनीय जांच में जो सामने आया है वह चौंकाने वाला है। रिपोर्ट की मानें तो क्राइम ब्रांच में आने के बाद कई पुलिसकर्मी मालामाल हो गए। कई सालों से तैनात एक पुलिसकर्मी का ग्रीन पार्क के पास में फ्लैट लिया है। शाहजहांपुर में चुनाव रोड पर भी पुलिसकर्मी ने प्लाट खरीद रखा है। इतना ही नहीं साउथ सिटी में भी इस पुलिसकर्मी का प्लॉट है। उक्त पुलिसकर्मी ने पार्टनरशिप में भी कई प्रॉपर्टी ले रखी हैं। इसी तरह तैनात कई पुलिसकर्मियों ने भी प्रॉपर्टी बनाई है।

चलते थे खटारा से अब भरते हैं फर्राटाः डीआइजी की रिपोर्ट की बातकरें तो कई पुलिसकर्मी क्राइम ब्रांच में तैनाती से पहले खटारा वाहनों से चलते थे। क्राइम ब्रांच में आने के बाद उनकी लाइफ स्टाइल बदल गई। किसी ने महंगी सुपर बाइक तो किसी ने महंगी कार खरीद ली है। जिनका रिकार्डतैयार किया जा रहा है।

वसूली को लेकर हुई थी मारपीट: जांच कर रही टीम ने एक और बात बताई है। कि बीते महीने अवैध वसूली को लेकर क्राइम ब्रांच में पुलिसकर्मियों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। जिसमें एक सिपाही घायल भी हो गया था।

सट्टा, जुआ,नशा बेचने वाले 27 जगहों से वसूली

रिपोर्ट में एक बात और ब्रांच को भी पता है। उसके बाद भी चौंकाने वाली है। जिले में सैकड़ों की संख्या में जुआ, सट्टा, शराब और नशे कार्रवाई नहीं की जाती है। शहर से लेकर देहात तक ऐसे 27 ठिकानों से के कारोबार के दर्जनों अड्डे चल रहे क्राइम ब्रांच के कुछ सिपाही वसूली हैं। स्थानीय पुलिस से लेकर क्राइम करते हैं। 

शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है। सबकी कुंंडली तैयार कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। राजेश पांडेय, डीआईजी, बरेली