बरेली, [अखिल सक्सेना]।  लॉकडाउन का बड़ा असर मजदूर, श्रमिकों और मध्यम वर्गीय परिवार पर पड़ा है। रोजगार व मजदूरी छूट जाने की वजह से आर्थिक तंगी से गुजर रहे तमाम अभिभावकों ने अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से पढ़ाने से दूरी बना ली है। फीस न जमा कर पाने का दंश झेल रहे अब ऐसे अभिभावकों ने गांव के ही प्राइमरी स्कूलों में बच्चों के दाखिले कराने शुरू कर दिए। इसकी शुरुआत जिले के बिथरी चैनपुर ब्लॉक से हो गई है। यहां दो दिन में 15 से ज्यादा ऐसे बच्चों का प्रवेश फार्म भरवाया गया है। प्राइवेट से सरकारी स्कूलों में बच्चों के आने से विभाग भी खुश है। उन्होंने बच्चों को कॉन्वेंट की तर्ज पर पढ़ाने की तैयारी भी शुरू की है। 

मिलेगी बेहतर पढ़ाई

प्राइमरी स्कूल कलारी की शिक्षिका शिखा अग्रवाल बताती हैं कि अभिभावक रामवती मौर्या व गायत्री ने अने बच्चों का कक्षा तीन में प्रवेश कराया है। पहले प्राइवेट स्कूल में उनके बच्चे पढ़ते थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से आर्थिक दिक्कत है। स्कूल में स्मार्ट क्लास, बिजली सहित तमाम सुविधाए हैं। पढ़ाई भी अच्छी है।

प्राइमरी स्कूल धौरेरा माफी की प्रधानध्यापिका मधु यादव बताती हैं कि हमारे यहां भी चार ऐसे बच्चों के दाखिले हुए जो प्राइवेट में पढ़ते थे। प्राइमरी स्कूल रिठौरा मे की शिक्षिका एकता सक्सेना ने पांच और प्राइमरी स्कूल चंदपुर बिजपुरी में प्रधानाध्यापिका सरिता राठौर ने 4 बच्चों को दाखिले दिए गए। शिक्षकों का कहना है कि प्राइवेट से अच्छी पढ़ाई यहां मिलेगी।

अभिभावक बोले - फीस की दिक्कत से बदल रहे स्कूल

शादी व दूसरे कार्यक्रमों की सहालक में मजदूरी करते थे। रोज ढाई से तीन सौ रुपये मिल जाते थे। उसी से बेटी को पास के प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रहे थे। अब मजदूरी भी नहीं है। कहां से फीस जमा करेंगे, इसलिए सरकारी स्कूल में नाम लिखवा दिया। अजय, अभिभावक

पति नौकरी करते थे, लॉकडाउन में छूट गई। इसलिए बेटी को सरकारी स्कूल में पढ़ाएंगे। दाखिला करा दिया है। पूनम यादव, अभिभावक

लॉकडाउन की वजह से घर में पैसे की दिक्कत हो गई है। प्राइवेट स्कूल में कहां से फीस दे पांएगे। इसलिए वहां से नाम कटा कर प्राइमरी स्कूल में नाम लिखा दिया है। रामवती मौर्या, अभिभावक

पहले आमदनी अच्छी थी तो पास के प्राइवेट स्कूल में बच्चे को पढ़ा रहे थे, अब समस्या है। इसलिए सरकारी स्कूल में पढ़ाना है। वहां भी ठीक पढ़ाई होती है। गायत्री, अभिभावक

 इन्होंने लिया प्रवेश

प्राइमरी स्कूल चंदपुर बिजपुरी में कक्षा एक में देव कुमार, रनवीर व कक्षा दो में श्वेता और आशा, ने प्रवेश लिया है।

प्राइमरी स्कूल रिठौरा में शिवम ने कक्षा तीन में अमन ने कक्षा पांच में, मो दानिश ने कक्षा चार में, तबस्सुम ने कक्षा तीन, नेहा देवी ने कक्षा पांच में प्रवेश लिया है।

प्राइमरी स्कूल धौरेरा में किरण ने कक्षा पांच में, कुमकुम ने कक्षा चार में दीपक ने कक्षा पांच में, सचिन ने कक्षा पांच मेें प्रवेश लिया है।

प्राइमरी स्कूल कलारी में विपिन व नंदिनी ने कक्षा तीन में, गीता देवी ने कक्षा एक में प्रवेश लिया है।

एक नजर में आंकड़े

प्राइमरी और जूनियर स्कूल : 2896

बच्चों की कुल संख्या : 3,77,452

शिक्षकों की संख्या : करीब 7,000

 बिथरी चैनपुर व नगर क्षेत्र में कई प्राइमरी स्कूल हैं, जहां प्राइवेट स्कूल से बच्चे प्रवेश लेने आए हैं। हमारे यहां कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर बहुत से प्राइमरी व जूनियर स्कूल हैं, जहां अच्छी पढ़ाई होती है। कम्प्यूटर , स्मार्ट क्लासेज की सुविधाएं भी दी जा रही है। ओपने जिस की सुविधा भी जल्द मिलेगी। इससे लोगों का रुझान बढ़ रहा है।- विनय कुमार, बीएसए बरेली

Posted By: Ravi Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस