बरेली, जेएनएन। वर्ष 2001 में जालधंर में हुए नेशनल गेम्स की शुरुआत के दौरान उड़न सिख कहे जाने वाले मिल्खा सिंह के साथ एक हादसा हुआ था। नेशनल गेम्स की शुरुआत के लिए जब मिल्खा सिंह मशाल जलाने पहुंचे तो अचानक आग भड़क गई। इस हादसे में मिल्खा सिंह मामूली रूप से झुलस भी गए थे। हादसे के बाद मिल्खा सिंह को नीचे लाया गया तो उन्होंने कहा कि यह ज्यादाती है, किसी ने जानबूझ कर तो ऐसा नहीं किया। शुक्रवार देर रात मिल्खा सिंह की मौत के बाद शनिवार को एथलीट संघ के सचिव ने उस दौरान हुए इस बाकये को साझा करते हुए श्रद्धांजलि दी।

एथलीट संघ के सचिव साहिबे आलम बताते हैं कि 2001 में फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से उन्हें नेशनल गेम्स में टेक्निकल ऑफीशियल बनाकर भेजा था। इसमें उन्होंने यूपी टीम के मैनेजर की भूमिका भी अदा की थी। साहिबे आलम ने बताया कि जब नेशनल गेम्स की शुरुआत हुई तो मशाल जलाने के लिए उड़न सिख मिल्खा सिंह को बुलाया गया था। यह मशाल पूरे गेम्स के दौरान जलती रहती है। जिस बड़ी मशाल को जलाया जाना था, उसको जलाने के लिए जब मिल्खा सिंह छोटी मशाल लेकर ऊपर चढ़े तो किसी तरह गैस से जलने वाली बड़ी मशाल का रेगूलेटर पूरा खोल दिया और उससे अधिक गैस निकलने लगी जिसने मिल्खा के हाथ की मशाल से आग पकड़ ली।

इससे मिल्खा सिंह झुलस गए, लेकिन वहां मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें पीछे खीच लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया था। वहां उस समय मौजूद बरेली एथलीट संघ के सचिव साहिबे आलम ने बताया कि नीचे आकर मिल्खा ने उनसे कहा था किसी बेवकूफ ने रेगूलेटर तेज खोल दिया होगा, इसके चलते हादसा हुआ है। उस मामले की याद ताजा करते हुए साहिबे आलम और एथलीट संघ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शनिवार को एक शोक सभा की गई। इसमें सचिव साहिबे आलम ने खेल जगत के लिए मिल्खा सिंह की मौत को बड़ी क्षति बताया। इस दौरान संघ के अध्यक्ष मुजाहिद हसन खां, हरीश अरोड़ा, नंदकिशोर, काजल चक्रवर्ती, निजामुद्दीन, मो. अलीम, अमन, जावेद हुसैन, अंकित सागर, सानू अली, अनीस मंसूरी आदि मौजूद रहे।

Edited By: Samanvay Pandey