बदायूं, जेएनएन। उसावां थानाक्षेत्र के गांव बमनपुरा और बुधुआ नगला के ग्रामीणों में तीन से चल रहा विवाद मंगलवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। ईंटें-पत्थर और लाठी-डंडे चले। इसमें भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के मंडल अध्यक्ष कृष्णपाल की जान चली गई। जबकि कई घायल हो गए। फिलहाल दोनों गांव के ग्रामीणों के बीच तनाव बना हुआ। जिसके चलते गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।

कीटनाशक दवा का छिड़काव करने वाली मशीन मांगने बुधुआ नगला गांव में रहने वाले कल्याण सिंह अपने बेटे दारा सिंह, अधीर व यशपाल के साथ रविवार को बमनपुरा गांव में रहने वाले अनिल के घर गए थे। जहां अनिल के परिजनों और कल्याण सिंह के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसमें कुछ लोग घायल हो गए थे।

मंगलवार को अनिल ने मामले में पुलिस को तहरीर दी कि विपक्षियों ने हमला बोलकर उसे घायल कर दिया। गांव के तमाम लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइकों से अनिल को लेकर थाने पहुंचे थे। यहां से लौटते वक्त ट्रैक्टर में सवार ग्रामीण दूसरे गांव के रास्ते निकल गए। जबकि बाइक सवार रुखाड़ा होकर वापस लौट रहे थे।

जैसे ही बाइक सवार रुखाड़ा मोड़ के पास पहुंचे तभी बुधुआ नगला गांव के ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान जमकर मारपीट व पथराव भी हुआ। हमलावरों ने कृष्णपाल व संजय की बाइक को डंडा मारकर गिरा दिया। लेेकिन किसी तरह से संजय जान बचाकर भाग निकला।

हमलावरों ने कृष्णपाल को भागने का मौका नहीं दिया और उसकी पीट पीट कर हत्या कर दी। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद तनाव देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।

एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हुई है। मृतक के परिवार की ओर से अभी तहरीर नहीं आई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Ravi Mishra

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