बरेली, जेएनएन : विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार की वंदे भारत सेवा से शहर के लोगों को भी रेस्क्यू किया गया। मेरठ, सहारनपुर, बिसौली, कानपुर के लोगों समेत इस फ्लाइट में 147 यात्री थे। इसमें दो बरेली तक पहुंचे, जबकि एक एमबीबीएस छात्र को लखनऊ के होटल में क्वारंटाइन किया गया।

प राना शहर में फर्नीचर का कारोबार करने वाले दो दोस्तों को साइबेरिया की एक कंपनी ने प्रदर्शनी लगाने के लिए रूस के कैमिरोवा शहर बुलाया था। 13 मार्च को दोनों वहां पहुंचे। लेकिन कोरोना संक्रमण फैलने के बाद वे फंस गए थे। रूस सरकार ने 29 मार्च तक के लिए शुरुआत में सब बंद किया, लेकिन फ्लाइट इसके बाद भी शुरू नहीं हो सकी। दोनों दोस्तों ने बताया कि उनको आर्थिक तंगी होने के बाद भारतीय दूतावास से मदद मिली। इस तरह उन्हें रहने और भोजन के लिए परेशान नहीं होना पड़ा। वंदे भारत फ्लाइट के जरिये वह भी गुरुवार रात लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरे थे। सड़क मार्ग से बरेली पहुंचे।

डॉक्टरी की पढ़ाई करने गया छात्र लखनऊ में क्वारंटाइन

नवाबगंज कस्बे में रहने वाले एक डॉक्टर ने अपने बेटे को रूस के अल्योनाओवॉस शहर में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए भेजा था। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद कॉलेज बंद हुए। हॉस्टल में रहते हुए उनके बेटे को लगने लगा कि इन हालात में देश लौटना ही बेहतर है। इसी दौरान पता चला कि भारत सरकार ने अपने लोगों को रूस से बुलाने की तैयारी की है तो उन्होंने वंदे भारत फ्लाइट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। जिसके जरिये गुरुवार रात को लखनऊ पहुंचे। वहां एयरपोर्ट पर फार्म भराया गया जिसमें उन्होंने बताना था कि वह कहां क्वारंटाइन होंगे। इस पर उन्होंने लखनऊ के होटल में ही खुद को सात दिन के लिए क्वारंटाइन कर लिया।

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300 बेड फ्लू कार्नर अस्पताल सैंपल देने पहुंचे दोनो दोस्त

शहर पहुंचने के बाद दोनों दोस्त 300 बेड फ्लू कार्नर पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हम रूस से आए है। उन्हें सैंपल देने थे। मामला सीएमओ कार्यालय पहुंचा। सीएमओ डॉ विनीत शुक्ला ने विदेश से आए दोनों दोस्तों के लिए एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह से राय ली।

सात दिन अपने खर्च पर रहेंगे क्वारंटाइन

विदेश से आने वालों के लिए भारत सरकार ने सकुर्लर जारी किया हुआ है कि वह सात दिनों के लिए निजी होटल में खुद को क्वारंटाइन करेंगे। इसका खर्च वह खुद वहन करेंगे। होटल में क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अपने घर में दोबारा से सात दिन के होम क्वारंटाइन होना होगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग का सर्विलांस में विदेश से आए लोग रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर होटल और घर में उनके हाल पूछते रहेंगे।

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सीएमओ कार्यालय से फोन आने के बाद रूस से आए लोगों को होटल में सेल्फ क्वारंटाइन होने के लिए कहा गया है। उनका सर्विलांस किया जा रहा है।

- महेंद्र कुमार सिंह, एडीएम सिटी

Posted By: Jagran

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